विकास में स्त्रियां - women in development

विकास में स्त्रियां - women in development

WID ( वूमन इन डेवलेपमेंट) में विकास की प्रक्रिया में स्त्रियों की भागीदारी का आमंत्रण एवं नियोजन GAD (लिंग और विकास) सामाजिक तौर पर स्त्री और पुरुष के बीच निश्चित अंतराल को पहचानना और अस्तित्व में लैंगिक भूमिका और उस पर आधारित संबंधों को पुनर्विश्लेषित करना । स्त्री और पुरुष के शक्तिसंबंध


(9) लैंगिक संबंध- समाज में श्रेणी पर आधारित होते हैं, जिनमें पुरुष स्त्रियों की अपेक्षा लाभ की स्थिति में रहते हैं।


(10) लैंगिक प्रशिक्षण- समाज एवं उसके विभिन्न वर्गों में लैंगिक समानता के लिए और सांस्थानिक प्रयास। 


( 11 ) लिंगाधृत हिंसा - किसी पुरुष या पुरुषप्रधान संस्था द्वारा किसी स्त्री या लड़की को उसके स्त्री होने के कारण शारीरिक, यौनिक या मनोवैज्ञानिक हानि पहुँचाना।


(12) अंत: घरेलू-संसाधनों का विभाजन वह समीकरण, जिसमें बताया जाए कि कैसे अलग-अलग संसाधन जुटाए जाते हैं और घरेलू स्तर पर सदस्यों के बीच इनका विभाजन कैसे किया जाता है। 


(13) स्त्री के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रयास स्त्रियों के विकास के लिए सरकारों द्वारा विकास नीतियों और योजनाओं को क्रियान्वित करने वाली संस्थाओं के प्रयासों और कार्यों को इसके अंतर्गत रखा जा सकता है।


( 14 ) पितृसत्ता- सामाजिक संरचना व्यवस्था जो स्त्रियों पर पुरुषों के शारीरिक, सामाजिक वर्चस्व की हिमायती हैं।


(15) स्त्री शक्ति- लिंगाघृत शक्ति संबंधों में स्त्रियों की दोयम स्थिति के प्रति स्त्रियों में चेतना जगाना और पुरुषवर्चस्व वादी व्यवस्था को चुनौती देने की शक्ति का निर्माण करना।


(16) स्त्रियों के मानवधिकार यह पहचानना कि स्त्रियों के अधिकार मानवाधिकार है और स्त्रियां केवल लैंगिक भेदभाव के कारण अन्याय का शिकार बनती हैं। 


(17) संस्कृति-विचारों, विश्वासों और नियमों की एक विशिष्ट व्यवस्था जो यह बताने में सक्षम होती है कि किसी समाज या समाज के किसी एक वर्ग की जीवन शैली ओर आपसी संबंध कैसे बनते हैं? संस्कृति ही किसी समाज में लैंगिक विचारधाराओं को निर्मित करती है अधिकारों और दायित्वों का निर्धारण करने के साथ-साथ स्त्री और पुरुष के लिए उपयुक्त व्यवहार का निर्धारण भी करती है। संसाधनों के वितरण पर भी लैंगिक विचार धाराओं का प्रभाव पड़ता है साथ ही नीति-निर्धारण पर भी इनका वर्चस्व रहता है।