आयात निर्यात नीति, 2002-2007 या दसवीं पंचवर्षीय योजना की आयात-निर्यात नीति - Import-Export Policy, 2002-2007 or Import-Export Policy of the Tenth Five Year Plan

आयात निर्यात नीति, 2002-2007 या दसवीं पंचवर्षीय योजना की आयात-निर्यात नीति - Import-Export Policy, 2002-2007 or Import-Export Policy of the Tenth Five Year Plan


भारत सरकार ने 31 मार्च, 2002 को अगले पाँच वर्षों के लिए नई आयात-निर्यात की घोषणा की है। यह दसवी योजना की पूरी अवधि तक लागू रही।


इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:


(i) विश्व व्यापार में भारत का हिस्सा बढ़ाना इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह है कि विश्व व्यापार में भारत का हिस्सा बढ़े। वर्तमान में भारत का हिस्सा 0.67 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर सन 2007 तक 1 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। 


(ii) निर्यात में वृद्धि करना इस समय सकल घरेलू उत्पाद 45 प्रतिशत है।

इसे बढ़ कर 8 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसमें देश के निर्यात बढ़ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जोकि 11.9 प्रतिशत है।


(iii) प्रतिबन्धों को कम करना निर्यातकों को जटिलता से मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए निर्यातों पर प्रतिबन्धों को समाप्त करने का उद्देश्य है ताकि निर्यातकर्ता आसानी से वस्तुओं का निर्यात कर सकें।


(iv) विकासशील देशों के साथ अच्छे व्यापार सम्बन्ध बनाना सरकार का विभिन्न विकासशील देशों तथा नए क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ती का लक्ष्य है। इस सम्बन्ध में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका तथा राष्ट्रकुल के देशों में निर्यात बढ़ाया जाएगा। इसके लिए अनेक रियायत देने का लक्ष्य है।