भारत की विदेश व्यापार नीति (2004-09) , भारत की विदेश व्यापार नीति के मुख्य उद्देश्य - India's Foreign Trade Policy (2004-09), Main Objectives of India's Foreign Trade Policy
भारत की विदेश व्यापार नीति (2004-09) , भारत की विदेश व्यापार नीति के मुख्य उद्देश्य - India's Foreign Trade Policy (2004-09), Main Objectives of India's Foreign Trade Policy
केन्द्रीय सरकार द्वारा नई विदेश व्यापार नीति की घोषणा 31 अगस्त 2004 को की गई। इसे राष्ट्रीय विदेश व्यापार नीति भी कहते हैं। इस नई नीति को निर्यात-आयात नीति के स्थान पर जारी किया गया है। यह नई विदेश व्यापार नीति अगले पाँच वर्षों (2004-09) तक जारी रहेगी। नई विदेश व्यापार नीति के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है-
भारत की विदेश व्यापार नीति के मुख्य उद्देश्य
(i) निर्यातों की औसत वार्षिक वृद्धि दर को बढ़ाना - विदेशी व्यापार नीति में अगले 5 वर्षों में निर्यातों में औसत वार्षिक वृद्धि दर का लक्ष्य 20 प्रतिशत रखा
गया है।
(ii) विश्व व्यापार में भारत का निर्यात हिस्सा दो गुना करना:- विश्व व्यापार में भारत के निर्यात का भाग 2003 में केवल 0.7 प्रतिशत था। इसे 2020 तक बढ़ा कर 2.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया था। अर्थात इस निर्यात भाग को दो गुना करने का लक्ष्य था ताकि 20 प्रतिशत वार्षिक दर के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
(iii) निर्यातकों को प्रोत्साहन निर्यात के वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निर्यातकों को विशेष प्रोत्साहन दिए गए। इसके लिए विदेशी व्यापार नीति में कई नई योजनाएं आरम्भ करने की घोषणाएं की गई।
(iv) घरेलू व्यापार को सुरक्षा भारत सरकार द्वारा कई व्यापारिक समझौते किए गए हैं। फिर भी घरेलू व्यापार को सुरक्षित रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
(v) व्यापार की लागत में कभी व्यापार की लागत को कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रतिक्रियाओं को भी सरल बनाया गया ।
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