सक्रियता नियताश - Activity deterministic

सक्रियता नियताश - Activity deterministic


प्रतियोगी बाजार में प्रभुत्ता को बनाये रखने एवं अच्छे प्रदर्शन से बाजार में विक्रय के विकास संबंधी प्रविधियों को निर्धारित स्तर पर लाने के लिए आवश्यक है कि विक्रय कार्य से जुड़े कार्मिक व्यवस्थित ढंग से अपने कर्तव्यों का निष्पादन करें। ऐसे प्रयास किसी भी संगठन की कार्यकुशलता को दर्शाता है। अपेक्षित विक्रय लक्ष्यों के सही ढंग से प्राप्ति हेतु हर संगठन क्रियाशील रहते है इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किये गये प्रयत्नों में विक्रय कार्मिकों को एक निश्चित समयावधि में नियताशी को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने एवं उन्हें विशेष प्रलोभन देकर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बाध्य किया जाना चाहिए.

चाहे इसके लिए उन्हें विभिन्न विश्लेषणों से प्राप्त आंकड़ों के बारे में आवश्यक जानकारी एवं सूचनाओं के आधार पर बाजार में अपने उत्पाद का भाग बढ़ाने हेतु प्रेरित भी करना प्रबंधन का निशाना बाजार में अपने उत्पादों के निष्पादन, ग्राहक समूहों में घुसपैठ, विभिन्न तरीको के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं या जरूरतों की आपूर्ति करने से होता है।


भारतीय संगठनों द्वारा इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु कुछ कदम उठाये जाते हैं एवं उनका सही दिशा में क्रियान्वित करने के उद्देश्य हेतु निम्न लिखित प्रयास आजमाय जाते हैं- 


• नये ग्राहकों का चयन


• संपर्क में लाए गए वितरकों / खुदरा व्यापारियों की संख्या


• सेवा हेतु किये गए सपकों का विवरण


• प्रदर्शित प्रयासों की संख्या, इत्यादि


अपेक्षित लक्ष्यों की प्राप्ति एवं अनुसरण करने के लिए मुख्य प्रबंधन अपने विक्रय कार्मिकों से यह आशा करता है कि तुरन्त एवं सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में अपने कर्मठ प्रयासों का प्रतिगमन करे अपनी कार्यकुशलता के स्तर में सुधार लायें और बाजार में अपने उत्पादों की आपूर्ति को नियमित करें।