विज्ञापन कार्यक्रम के निर्णय - advertising program decisions
विज्ञापन कार्यक्रम के निर्णय - advertising program decisions
(i) उद्देश्यों का निर्धारण विज्ञापन कार्यक्रम की क्या प्ररचना की गई है?
(ii) बजट को निश्चित करना उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कितना धन खर्च करने की आवश्यकता है।
(iii) माध्यम का चयन करना कौनसा माध्यम प्रयोग किया जाना चाहिए यदि एक से अधिक प्रयोग करना है, तो प्रत्येक पर कितना धन खर्च किया जाना चाहिए।
(iv) प्रतिलिपि का सृजन विज्ञापन की विषयवस्तु क्या होनी चाहिए और इसको किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
(v) मूल्यांकन विपणन कार्यक्रम का आखिरी चरण इस पूरी क्रिया का मूल्यांकन । चूंकि ये ही प्राथमिक विज्ञापन निर्णय क्षेत्र है, अतः एक को यह आशा करना चाहिए कि ये प्राथमिक क्षेत्र भी है जिसमें विज्ञापन अनुसंधान किया जाता है। सरल शब्दों में विज्ञापन कार्यक्रम के किसी भी स्तर पर किये जाने वाले अनुसंधान को विज्ञापन अनुसंधान कहते हैं।
ब्राऊन तथा बैंक ने विज्ञापन अनुसंधान के संदर्भ में लिखा है कि अधिकांश संगठनों में विज्ञापन के लिए एक परिचालक बजट के आकार की स्थापना तथा आबंटन का निर्धारण एक बार चार उत्पन्न होने वाली समस्या है। अन्य अतिरिक्त समस्याएं विज्ञापन की प्रकृति के निर्धारण (थीम, अभिप्रेरणा, अपील तथा प्रतिलिपि) तथा माध्यम के चयन के रूप में विद्यमान रहती है
एक अन्य महत्वपूर्ण अनुसंधान क्षेत्र विक्रय एवं विज्ञापन में समन्वय तथा जोड़ने से संबंधित होता है। विज्ञापन अनुसंधान में इन सब मुद्दा का व्यवस्थित अध्ययन, विश्लेषण तथा समस्या समाधान सम्मिलित है। हासकिन का मत है कि विज्ञापन समस्या से संबंधित किसी भी रूप में किए जाने वाली व्यवस्थित अध्ययन एवं विश्लेषण को विज्ञापन अनुसंधान कहा जाता है। इसमें कुछ निश्चित प्रकार की अनुसंधान प्रक्रिया का अनुसरण किया जाता है, जिसे विज्ञापन अनुसंधान योजना कहा जाता है।
डॉज तथा अन्य का मत है कि विज्ञापन अनुसंधान के वर्गीकरण में दो आधारों का प्रयोग किया जा सकता है। प्रथम में विज्ञापन की सम्प्रेषण योग्यता या प्रभावशीलता सम्मिलित है
जबकि द्वितीय आधार अनुसंधान पद्धति प्ररचना से संबंधित है। यह अनुसंधान कृत्रिम प्रयोगशाला या वास्तविक बाजार स्थितियों में किया जा सकता है। अग्रांकित तालिक विज्ञापन अनुसंधान संवर्द्धनात्मक अनुसंधान से संबंधित है, जिसमें निम्न प्रकार के अनुसंधान सम्मिलित है-
(i) विज्ञापन प्रभावशीलता का अध्ययन
(ii) मीडिया रिसर्च
(iii) प्रीमियम कूपन नमूने आदि का अध्ययन तथा
(iv) प्रतिलिपि अनुसंधान, इनका मत है कि किसी भी कार्यक्रम की प्रभावशीलता का अध्ययन उसके उद्देश्यों के संदर्भ में ही किया जाता है।
विज्ञापन का उद्देश्य निम्न दो श्रेणियों में व्यक्त किया जा सकता है वांछित सम्प्रेषण प्रभाव प्राप्त करना एवं
(v) वांछित विक्रय स्तर पर प्राप्त करना। इन दोनों उद्देश्यों से संबंधित किये जाने वाले किसी भी अनुसंधान को विज्ञापन अनुसंधान कहा जाता है।
टल तथ डॉकिन्स का मत है कि विज्ञापन अनुसंधान संवर्द्धनात्मक अनुसंधान से संबधीत है, जिसमें निम्न प्रकार के अनुसंधान सम्मिलित है
(i) विज्ञापन प्रभावशीलता का अध्ययन
(ii) मीडिया रिसर्च
(iii) प्रीमियम कूपन नमुने आदि का अध्ययन तथा
(iv) प्रतिलिपि अनुसंधान
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