बैंक का स्थिति विवरण - Bank Status Details
बैंक का स्थिति विवरण - Bank Status Details
बैंक का स्थिति विवरण अथवा चिट्ठा उसके आदेय तथा दायित्व का विवरण होता है। किसी भी संस्था की आर्थिक स्थिति देखने के लिए उसका स्थिति विवरण महत्वपूर्ण होता है परंतु इस प्रकार के विवरण का महत्व बैंकों के लिए अत्यधिक है। बैंक का मुख्य कार्य लेन-देन का व्यापार है और उसे अपनी लेनदारी तथा देनदारी को समतुल्य करना होता है। इस प्रकार किसी बैंक के सम्पूर्ण व्यवसाय तथा वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए उसका स्थिति विवरण देखना आवश्यक होता है। क्राउथर ने लिखा है कि बैंक का संपूर्ण व्यवसाय उसके स्थिति विवरण में होता है।
इसके अतिरिक्त विवरण का यह भी गुण होता है कि उसे एक दृष्टि में देखने से वे अनुपात प्रकट हो जाते है जिन पर बैंक कार्य कर रहा होता है। भारत में वाणिज्यिक बैंकों के स्थिति विवरण का रूप कानून द्वारा निश्चित होता है और प्रत्येक बैंक को एक निश्चित अवधि के बाद इसे प्रकाशित करना पडता है। स्थिति विवरण में दो कॉलम होते हैं। बाए कॉलम में पूँजी तथा दायित्व और दाए कॉलम में संपत्ति तथा आदेय दिखाए जाते हैं। स्थिति विवरण में दोनों कॉलमों में संपत्ति की विभिन्न रकमो का जोड़ सदा बराबर होता है।
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