अंतरराष्ट्रीय विपणन में लाभ / आवश्यकता / महत्व - Benefits / Need / Importance in International Marketing

अंतरराष्ट्रीय विपणन में लाभ / आवश्यकता / महत्व - Benefits / Need / Importance in International Marketing


1 निर्माता को लाभ


(क) बाजार क्षेत्र में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय विपणन से बाजार आकार में अत्यधिक वृद्धिहो जाती है। अब व्यावसायिक इकाई संपूर्ण विश्व में कहीं भी अपने उत्पाद बेच रही है जबकि इनके मूल देश बहुत ही छोटे देश है।


(ख) विक्रय व लाभों में वृद्धि वैश्विक कंपनियों के बाजार क्षेत्र विशाल होने के कारण इनकी बिक्री व लाभ बहुत अधिक होते हैं। कुछ वैश्विक कंपनियों की बिकी बहुत से देशों के सकल घरेलू उत्पाद से भी अधिक है।


(ग) जोखिम का विविधकरण वैश्विक कंपनिया विशाल बाजार आकार होने के कारण जोखिम का विविधीकरण कर सकती हैं। वैश्विक कंपनियां केवल एक ही बाजार पर निर्भर नहीं करती। यदि किसी एक देश में कोई समस्या जैसे प्राकृतिक आपदा, मदी, दंगे-फसाद, खराब कानून व्यवस्था आदि की समस्या आ गयी हैं,

तो यह वैश्विक कंपनी दूसरे देश के बाजार में अधिक ध्यान केंद्रित कर सकती है। इस प्रकार वैश्विक कंपनिया जोखिम राजनीतिक जोखिम, प्राकृतिक जोखिम आदि का विविधीकरण कर सकती हैं।


(घ) बड़े पैमाने की बचते वैश्विक कंपनियां अपने उत्पादों को बहुत बड़े पैमाने पर बनाती है। ये कंपनिया आधुनिक उत्पादन तकनीक का प्रयोग करती है। श्रम विभाजन व विशिष्टता के लाभ उठाती है। इनकी उत्पादन लागत कम होती है तथा उत्पाद की क्वालिटी अधिक बेहतर होती है। इस तरह वैश्विक कंपनियां अधिक उत्पादन के कारण बड़े पैमाने की बचते प्राप्त करती हैं।


(ङ) वैश्विक छवि वैश्विक कंपनियां अपने उत्पाद विश्व भर में बेचती है।

इससे इनकी संस्थागत छवि व ब्रांड विश्वभर में बहुत प्रसिद्ध होते है। इन कंपनियों के लिए नए उत्पाद या विद्यमान उत्पाद को नए बाजार में बेचना मुश्किल नहीं होता। बांड प्रसिद्धि के कारण लोग इनके उत्पादों के लिए अधिक कीमत भी देने को तैयार होते है। वैश्विक छवि के कारण इन्हें घरेलू उत्पादों से प्रतिस्पर्धा का सामना करने में अधिक कठिनाई नही होती।


2. अर्थव्यवस्था के लिए लाभ


(क) मुद्रा स्फीति पर नियंत्रण वैश्विक कंपनियां अर्थव्यवस्था में उत्पादों की पूर्ति बढ़ती है। उत्पादों की पूर्ति बढ़ ने से कीमत वृद्धि को रोकने में सहायता मिलती है। यदि किसी अर्थव्यवस्था में किसी उत्पाद की कीमत बढ़ रही है तो इसे विदेशों से आयात करके घरेलू अर्थव्यवस्था में इसकी पूर्ति को बढ गया जा सकता है,

जिससे इसकी कीमत वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है।


(ख) रोजगार में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का बढ़ावा देता है बहुत से व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय विपणन में उत्पादों के भौतिक वितरण, वैयक्तिक विकय परिवहन वेयरहाऊसिंग आदि में सलग्न है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय विपणन से मांग में वृद्धि होती है, माग बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि होती हैं। इस तरह जो व्यक्ति उत्पादन कियाओं में संलग्न है, वे भी अप्रत्यक्ष रूप से अंतरराष्ट्रीय विपणन के कारण ही रोजगार प्राप्त करते हैं। विकासशील देशों में बेरोजगारी की समस्या बहुत गंभीर है। इसे कुछ सीमा तक निर्यात विपणन द्वारा हल किया जा सकता है, जैसे-चीन में निर्मित उत्पाद पूरे विश्व में बेचे जा रहे है। इससे चीन में रोजगार के अवसर बढ़े है। 


(ग) निर्यातों में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय विपणन द्वारा निर्यातों में वृद्धि होती है। इससे विदेशी मुद्रा अर्जित होती है, तथा भुगतान शेप की समस्या के समाधान में सहायता मिलती है।


(घ) जीवन स्तर में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय विपणन से एक देश उन उत्पादों का प्रयोग भी कर सकता है जिनका उत्पादन उसके देश में नहीं हो रहा। विकासशील देशों के लोग विकसित देशों में बने उच्च क्वालिटी के व आधुनिकतम उत्पाद खरीद सकते हैं। इससे उनके जीवन स्तर में वृद्धि होती है। 


(ङ) तीव्र आर्थिक विकास अंतरराष्ट्रीय व्यापार आर्थिक क्रियाओं को बढ़ावा देता है। इससे राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है जैसे-चीन में अंतरराष्ट्रीय विपणन के कारण आर्थिक विकास की दर में बहुत वृद्धि हुई है।


(च) वैश्विक प्राकृतिक संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग ऐसा संभव है कि किसी देश में प्राकृतिक संसाधन घरेलू आवश्यकताओं से अधिक हो जबकि किसी अन्य देश में उस प्राकृतिक संसाधन की कमी हो अंतरराष्ट्रीय विपणन द्वारा पहला देश दूसरे देश को यह संसाधन निर्यात कर सकता है।

इससे प्राकृतिक संसाधनों का सर्वोतम उपयोग हो सकता है; जैसे अरब देशों ने कच्चे तेल के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जबकि अन्य कई देशों में कच्चे तेल की कमी है। अरब देश अन्य देशों को कच्चे तेल का निर्यात करते है। अंतरराष्ट्रीय विपणन के अभाव में अरब देशों के तेल भंडारों का पूर्ण रूप से प्रयोग नहीं हो पाता।


3 उपभोक्ताओं को लाभ


(क) चयन में व्यापकता अंतरराष्ट्रीय विपणन से विदेशी उत्पादों की उपलब्धता में वृद्धि होती है। विकासशील व अति अल्पविकसित देशों के लोग, विकसित देशों द्वारा निर्मित आधुनिक उत्पादों का उपभोग कर सकते हैं विभिन्न देशों के उत्पाद घरेलू बाजार में उपलब्ध हो जाते हैं। इससे उपभोक्ता की उत्पाद चयन क्षमता में वृद्धि होती है। आधुनिकतम उत्पादों के उपभोग से उपभोक्ताओं के जीवन स्तर में वृद्धि होती है। 


(ख) बेहतर क्वालिटी के उत्पाद: अंतरराष्ट्रीय विपणन से घरेलू व्यावसायिक इकाइयां व विदेशी व्यावसायिक इकाइयों के मध्य प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होती है। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से बाजार कुशलता में वृद्धि होती है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए व्यावसायिक इकाइयां बेहतर क्वालिटी के उत्पाद बनाती है ताकि ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके।


(ग) कम कीमतों पर उत्पादों की उपलब्ता अंतरराष्ट्रीय विपणन के कारण उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। इससे बड़े पैमाने की बचते प्राप्त होती है जैसे प्रति इकाई कम उत्पादन लागत कम वितरण लागत आदि। इससे उत्पाद की कम कीमत करने में सहायता मिलती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय विपणन से विपणन से प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए व्यावसायिक इकाइयां उत्पादों को कम कीमतों पर बेचती हैं।