करियर नियोजन के लाभ - benefits of career planning
करियर नियोजन के लाभ - benefits of career planning
करियर नियोजन व्यवस्था की यह कोशिश रहती है कि कर्मचारी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और संगठन की कार्यक्षमता के बीच संतुलित तालमेल बना रहे। करियर नियोजन कर्मचारी और संगठन दोनों की आवश्यकता और संतुष्टि को ध्यान में रखकर कार्य करता है। इसे कई चरणों से गुजरना पड़ता है। करियर नियोजन का उद्देश्य मानव ससाधनों का सही उपयोग कर ज्यादा से ज्यादा उत्पादकता बढ़ाना है। यह कर्मचारी को समय-समय पर अभिप्रेरित करने का कार्य करता है और संगठन की वर्तमान, भविष्य और मानव संसाधन की आवश्यकताओं को पूरा करता है। करियर नियोजन तीन वर्गों को प्रभावित करता है। (1) कर्मचारी को लाभ (2) संगठन को लाभ (3) संबंध के लाभ ।
(1) कर्मचारियों को लाभ - कर्मचारी को कंपनी के अंदर अपने करियर में आगे कैसे बढ़ना है, मालूम रहता है उसे कंपनी में अपना स्थान पता रहता है और कंपनी में करियर सभावनाओं का पता चलता है। उसके आगे कौन है,
औद्योगिक गतिविधियों की सीढ़ी पर एक के बाद एक कदम रखकर कैसे चलते जाना है। करियर नियोजन इन सब में उसकी मदद करता है। इससे वह करियर में अपने लक्ष्य को निर्धारित कर पाता है और वास्तविकता का सामना कर आगे बढ़ता है। यह कर्मचारियों को आत्म निरीक्षण के अवसर भी प्रदान करता है। कर्मचारियों को संघ के प्रति निष्ठावान बनाने में सहायक है और करियर नियोजन कर्मचारियों को उच्च स्तरीय मनोबल, कार्य विकास के अवसर उपलब्ध कराता है।
(2) संगठन को लाभ करियर नियोजन संगठन की ख्याति बढाने में मदद करता है और नियोक्ता और श्रमिक के बीच मधुर संबंध स्थापित करने में मदद करता है। संगठन अपने निर्णय कार्य-कलाप बहुत सुनियोजित ढंग से व्यवस्थित करके रखता है।
वह हर कार्य, प्रशिक्षण की योजना करियर नियोजन के माध्यम से पहले से बनाकर रखता है, प्रतिभाशाली कर्मचारी के लिए मार्गदर्शन व्यवस्था और सामान्य कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण, तबादलों की योजना पहले से तैयार कर रखता है। कर्मचारी को कार्य में उत्साह बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। जिससे कर्मचारी का काम के प्रति मन लगा रहे। करियर नियोजन, संगठन के भीतर व बाहर सभावनाओं का विश्लेषण खोजता है। यह काम श्रम लागत पर अधिक उत्पादन करने की व्यवस्था करता है। संगठन की वर्तमान व भविष्य के मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करता है।
(3) संबंध के लाभ - नियोक्ता और कर्मचारी के बीच गहरा संबंध होता है। दोनों की सफलता एक दूसरे पर निर्भर करती है। कर्मचारी की योग्यता और कौशल का उचित उपयोग कर संगठन अधिक-से-अधिक लाभ कमा सकता है, जिससे उसकी ख्याति पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। एक अच्छा और कुशल कर्मचारी सफल संगठन की नींव बनाता है और एक आलसी और असंतुष्ट कर्मचारी संगठन पर भार होता है।
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