प्रशिक्षण के लाभ - benefits of training

प्रशिक्षण के लाभ - benefits of training


क) प्रशिक्षण द्वारा संगठन को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं-


• बेहतर लाभप्रदता और / या लाभ के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण में वृद्धि करता है।


• संगठन के सभी स्तरों पर नौकरी के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल में सुधार करता है।


• कर्मचारियों की मनोबल में वृद्धि करता है।


• कर्मचारियों को संगठनात्मक लक्ष्यों की पहचान करने में सहायता करता है।


• बेहतर संगठनात्मक छवि बनाने सहायता करता है।


• प्रामाणिकता, खुलेपन और विश्वास को प्रोत्साहित करता है।


• अधिकारी और अधीनस्थ के संबंधों में सुधार करता है।


• संगठनात्मक विकास में सहायता करता है।


• कार्य के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में मदद करता है।


• संगठनात्मक नीतियों को समझने और प्रयुक्त करने में सहायता करता है।


• संगठन के सभी क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं के लिए जानकारी प्रदान करता है। .


• संगठन को प्रभावशाली ढंग से निर्णय लेना और समस्या को सुलझाना अधिक सरल हो जाता है।


• भीतर से पदोन्नति के लिए विकास में सहायता प्रदान करता है।


• नेतृत्व कौशल, प्रेरणा, वफादारी, बेहतर अभिवृत्ति तथा अन्य पक्षों जिनका प्रदर्शन सफल प्रबंधक एवं कर्मचारी करते हैं के निर्माण में सहायता प्रदान करता है।


• उत्पादकता और / या काम की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायता करता है।


• कई क्षेत्रों, जैसे- उत्पादन, कर्मियों, प्रशासन आदि में लागत कम करने में सहायता करता है,


• संगठन के लिए सक्षमता और ज्ञान के माध्यम से दायित्व की भावना को विकसित करता।


• श्रम प्रबंधन संबंधों में सुधार


• सक्षम आंतरिक परामर्श का उपयोग करके बाह्य परामर्श लागत को कम करता है तथा निवारक प्रबंधन को प्रोत्साहित करता है।


• विकास, संचार के लिए उपयुक्त पर्यावरण तैयार करता है।


• संगठनात्मक संचार में सुधार के लिए सहायता प्रदान करता है।


• कर्मचारियों को परिवर्तन के लिए समायोजित करने में सहायता करता है।


• औद्योगिक विवाद / संघर्ष के समाधान में सहायता करता है जिससे तनाव तथा दबाव को कम करने में मदद मिलती है।


ख) व्यक्तिगत लाभ जो की अंततः संगठनात्मक लाभ में परिणत होते हैं।


• बेहतर निर्णयों तथा प्रभावी समस्या समाधान में कर्मचारियों को सहायता करता है।


• प्रशिक्षण और विकास के माध्यम से प्रेरक चरों जैसे- मान्यता, उपलब्धि, विकास, और उन्नति का आत्मसातीकरण एवं संचालन किया जाता है।


आत्म-विकास एवं आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने और प्राप्त करने में सहायता करता है। किसी व्यक्ति को तनाव, निराशा और संघर्ष के समाधान में सहायता प्रदान करता है।


• नेतृत्व ज्ञान, संचार कौशल और व्यवहार में सुधार के लिए जानकारी प्रदान करता है।


• कार्य संतुष्टि और मान्यता में वृद्धि होती है।


• बेहतर बनाने के दौरान एक अंतर्वैयक्तिक कुशालों में सुधार के माध्यम से व्यक्ति को निजी लक्ष्यों की ओर अग्रसर करता है। प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षु के व्यक्तिगत लक्ष्यों एवं आवश्यकताओं की पूर्ती करता है।


• प्रशिक्षु को विकास एवं भविष्य में उसकी सफलता के लिए एक कारण देता है। अधिगम में वृद्धि की भावना देता है।


• व्यक्ति के भाषण, लेखन एवं श्रवण कौशलों में वृद्धि करता है।


• नए कार्यों के प्रयास में डर को खत्म करने में मदद करता है।


ग) कार्मिक और मानवीय संबंध तथा अंतरसमूह एवं आंतरिक समूह संबंधों के लिए लाभ


• समूहों और व्यक्तियों के बीच संचार में सुधार


• नए कर्मचारियों के लिए तथा स्थानांतरण या पदोन्नति के माध्यम से नए पदों पर कार्यरत व्यक्तियों के अभिविन्यास में सहायता प्रदान करता है।


• समान अवसर और सकारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचना प्रदान करता है


• सरकारी अधिनियमों एवं प्रशासनिक नीतियों के बारे में सूचनाएं प्रदान करता है तथा अंतर्वैयक्तिक संबंधों को सुधारता है।


• संगठन नीतियों, नियमों और विनियमों को व्यावहारिक बनाता है।


• मनोबल में सुधार करता है।


• समूहों में तारतम्यता, सामंजस्य एवं संयम का निर्माण करता है।


• सीखने, विकास और समन्वय के लिए एक अच्छा पर्यावरण प्रदान करता है


• संगठन को काम करने और जीने के लिए एक बेहतर जगह बनाती है।


प्रतिस्पर्धा वृद्धि से अन्य बातों के अतिरिक्त, प्रशिक्षण का महत्व बढ़ता है। प्रशिक्षण समय-समय पर नौकरी के साथ कर्मचारी का तालमेल बनाए रखता है। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षित कर्मचारी संगठनात्मक परिवर्तन को आमंत्रित करते हैं तथा किसी भी प्रकार की कार्य / परियोजना करने के लिए तैयार रहते है। किसी भी संगठन की सफलता, बहुत हद तक एक संगठन द्वारा प्रदान की गई गुणवत्तापूर्ण एवं सामयिक प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। प्रशिक्षण के महत्व को प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के लाभों से भी समझा जा सकता है।