शाखा बैंकिग श्रेष्ठ है अथवा इकाई बैंकिग - Branch banking is best or unit banking
शाखा बैंकिग श्रेष्ठ है अथवा इकाई बैंकिग - Branch banking is best or unit banking
दोनों प्रणालियों के गुणों तथा दोषों का विवेचन करने के पश्चात् यह स्पष्ट हो जाता है कि दोनों ही में अच्छाईयाँ है और बुराईयाँ भी, इसलिए किसी एक प्रणाली के पक्ष में निर्णय देना कठिन है। प्रो टॉमस ने शाखा बँकिंग तथा इकाई बैंकिंग प्रणालियों की तुलना करने हुए लिखा है, यद्यपि दोनों प्रणालियाँ अपूर्ण है परंतु दोनों की कार्य पद्धति को देखने से यह ज्ञात होता है कि शाखा बैंकिंग प्रणाली श्रेष्ठ हैं।" अमेरिका की अपनी विशेष परिस्थितियों में प्रत्येक भाग में पर्याप्त पूँजी तथा अन्य साधन उपलब्ध होने के कारण इकाई बैंकिंग ठीक हो सकती है,
परंतु वहां भी सभी मुद्राशास्त्री इकाई बैंकिंग की उपयुक्तता स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है तथा इस प्रणाली के स्थान पर धीरे-धीरे शाखा बैंकिग को अपनाया जा रहा है। सन् 1930 की महान् मंदी ने यह सिद्ध कर दिया था कि संकटकालीन स्थिति का सामना करने के लिए इकाई बैंकिंग की अपेक्षा शाखा बँकिंग ही अधिक उपयुक्त है।
भारत जैसे अर्द्ध विकसित देश में जहाँ पूँजी की कमी है, जनता की आय कम है, बैंकिंग प्रणाली का विशेष विकास नहीं हुआ है तथा देश में अधिकतर पिछड़े हुए और ग्रामीण क्षेत्र है, शाखा बँकिंग प्रणाली विशेष रूप से लाभदायक है, परंतु शाखा प्रणाली के सफल संचालन के लिए यह आवश्यक है कि स्थानीय परिस्थितियों तथा आवश्यकताओं के अनुसार प्रत्येक शाखा अपनी नीति तथा कार्य प्रणाली में परिवर्तन करे जिससे व्यवसाय की उन्नति हो तथा बैंकिग व्यवस्था मे लोच उत्पन्न हो सके।
भारत ने प्रारम्भ से ही शाखा बँकिग को अपनाया है और ऐसा करने के कुछ कारण भी रहे हैं। आधुनिक प्रकार के बैंकों की संख्या कम होने के कारण देश के विभिन्न भागों में बैंकिंग की सुविधाएं बढ़ाने का एकमात्र उपाय शाखाओं को स्थापित करना था। साधनों की कमी के कारण प्रत्येक शहर में अलग से स्वतंत्र बैंक नहीं बनाए जा सकते थे देश की विशालता एवं पिछड़ेपन को देखते हुए यह प्रणाली देश के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है तथा भारत में बैंको की शाखाएँ तेजी से बढ़ रही है। स्टेट बैंक तथा सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाखाएँ स्थापित की है।
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