ब्रॉयड वेस्टफाल तथा स्टास्व - broyd westphal and stasv
ब्रॉयड वेस्टफाल तथा स्टास्व - broyd westphal and stasv
का मत है कि विपणन अनुसंधान अनेक दशाओं में वांछित सूचनाएं प्रदान करने में असफल रहता है। ऐसी दशाओं के प्रति प्रबंधकों तथा अनुसंधानकर्ताओं को सतर्क रहना आवश्यक होता है। निम्नलिखित दशाओं में एक निश्चित प्रकार का अनुसंधान करना जटिल होता है
(i) प्राय उत्तरदाता ऐसे प्रश्नो का वैध उत्तर देने में असमर्थ होता है जो उनके नूतकाल या भविष्य से संबंधित होता है। उदाहरण के लिए उपभोक्ता दी विज्ञापन प्रतियों के संदर्भ में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देने में समर्थ होता है, लेकिन इन प्रतियों का उसकी प्रवृत्ति एवं व्यवहार पर क्या प्रभाव हुआ है या भविष्य में होगा, स्पष्टत बतलाने में असमर्थ रहता है।
(ii) व्यक्ति महत्वहीन घटनाओं की तुलना में महत्वपूर्ण घटनाओं को ज्यादा याद रखता है
उदाहरण के लिए व्यक्ति को पहली बार खरीदी गयी कार के बारे में सदैव याद रहता है लेकिन उसे यह याद नही रहता है कि पिछले छः साल में उसने कितने प्रकार (ब्राण्ड नाम) टूथपेस्ट का उपयोग किया है।
(iii) व्यक्ति अपनी भावनाओं एवं संवेदनाओं को स्पष्टत अनुसंधानकर्ताओं को बतलाने में जटिलता महसूस करता है। उदाहरण के लिए व्यक्ति एक विशिष्ट प्रकार की चाय या कॉफी का ब्राण्ड नाम अनुसंधानकर्ता को बता सकता है, लेकिन चाय या कॉफी पीते समय वह वास्तव में कैसा महसूस करता है, स्पष्टत बतलाना कठिन होता है।
(iv) नये उत्पाद या सेवा विचार के बारे में अनुसंधानकर्ता के लिए एक निश्चित प्रकार की प्रतिक्रिया जानना जटिल होता है।
उदाहरण के लिए एक संस्था अपने नये यात्रा तथा साख कार्ड के बारे में भावी सफलता का मूल्यांकन करने हेतु विक्रय परीक्षण या बाजार जांच का आयोजन नहीं कर सकती है।
(v) कुछ उत्पादों की विशिष्ट प्रकृति के कारण अनुसंधान कार्य हेतु पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। उदाहरण के लिए जिन उत्पादों का जीवन-चक्र काफी छोटा होता है (विशेषत महिलाओं के फैशन से संबंधित वस्तुएँ) उनमें बहुत सीमित अनुसंधान कार्य ही किया जा सकता है। ऐसे उत्पादों में ब्राण्ड निष्ठा या क्रयण प्रवृत्ति को स्पष्टतः ज्ञात नहीं किया जा सकता है।
(vi) यदि कंपनी के नये उत्पाद की प्रतिस्पर्धा द्वारा शीघ्रता से नकल कर ली जाती है
तो ऐसी दशा में किसी प्रकार का विपणन अनुसंधान प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करने या प्रयुत्तर देने में सफल नहीं हो सकता है। ऐसी दशा में कंपनी राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपने उत्पाद को फैलाने का काम करती है ताकि वांछित लाभ प्राप्त किया जा सके।
उपर्युक्त सीमाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना गलत है कि विपणन अनुसंधान की व्यवसाय के लिए कोई उपयोगिता नहीं है वास्तव में विपणन अनुसंधान क्रियाएं व्यवसाय को कई प्रकार से लाभान्वित करती है ये क्रियाए व्यवसाय के बाजारों से परिचित रहती है। परिणामस्वरूप बाजारों का अध्ययन करके विभिन्न प्रकार के निष्कर्ष निकाल पाने मे कंपनी को समर्थ कर उसके लाभ के नये-नये अवसरों को जन्म देती है।
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