व्यवसाय - Business
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लघु व्यवसाय वे उद्योग है जो छोटे पैमाने पर किए जाते है तथा सामान्य रूप से मजदूरों व श्रमिकों की सहायता से मुख्य धन्धे के रूप में चलाए जाते हैं। वे उद्योग जिनमें 10 से 50 लोग मजदूरी के बदले में काम करते हो, लघु उद्योग के अंतर्गत आते है। लघु उद्योग एक औद्योगिक उपक्रम है, जिसमें निवेश संयंत्र एवं मशीनरी में नियत परिसंपति होती है। यह निवेश सीमा सरकार द्वारा समय-समय पर बदलता रहता है। लघु उद्योग में माल बाहर से मंगाया जाता है और तकनीकी कुशलता को भी बाहर से प्राप्त किया जा सकता है।
वित वर्ष 2015-16 के अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित मंत्री श्री अरुण जेटली ने 20,000 करोड़ रु की राशि तथा 30,000 करोड़ रु. की ऋण गारंटी राशि के साथ एक सूक्ष्म इकाई विकास पुनर्वित एजेसी बैंक के सृजन का प्रस्ताव रखा था मुद्रा का गठन एक कानून बनाने के जरिए किया जाएगा।
यह एक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, सभी सूक्ष्म वित्त संस्थानों जो विनिर्माण व्यापार एवं सेवा गतिविधियों से जुड़े सूक्ष्म / लघु व्यवसाय इकाइयों को ऋण देने के व्यवसाय में है के जरिए विकास एवं पुनर्वित्त के लिए जबावदेह होगा। मुद्रा लघु / सूक्ष्म व्यवसाय उपक्रमों के स्थानीय वितदाताओं को वित मुहैया कराने के लिए राज्य / क्षेत्रीय स्तर के समन्वयकों के साथ साझीदारी भी करेगा। इसके अतिरिक्त इसका उद्देश्य केवल ऋण के दृष्टिकोण से आगे बढ़कर देशभर में फैले इन उपक्रमों के लिए ऋण जमा समाधान प्रस्तुत करना भी है। मुद्रा के लिए परिकल्पित भूमिकाओं में ये शामिल है-
• लघु उपक्रम वित्तपोषण व्यवसायों के लिए नीति दिशानिर्देश निर्धारित करना ।
• एम एफ आई इकाईयों का पंजीकरण
• एम एफ आई इकाईयों का प्रमाणन / मूल्यांकन
• कर्जधारिता से मुक्ति पाने के लिए जिम्मेदार वित्तपोषण प्रचलनों का निर्धारण तथा उचित ग्राहक सुरक्षा सिद्धांतों और वसूली की पद्धतियाँ सुनिश्चित करना ।
• सुक्ष्म उपक्रमों को कर्ज देने वाले ऋणों / विभागों को गारंटी मुहैया करने के लिए एक ऋण गारंटी योजना का निर्माण एवं संचालन ।
• क्षेत्र में विकास एवं प्रवर्तन गतिविधियों का समर्थन
• प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म व्यवसायों को स्थानीय ऋण आपूर्ति की एक अच्छी संरचना का सृजन ।
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