पूंजीवादी प्रणाली , विकासशील, विकसित, अल्पविकसित अर्थव्यवस्था - capitalist system, developing, developed, underdeveloped economy
पूंजीवादी प्रणाली , विकासशील, विकसित, अल्पविकसित अर्थव्यवस्था - capitalist system, developing, developed, underdeveloped economy
पूंजीवादी सामन्यत उस आर्थिक प्रणाली या तंत्र को कहते हैं, जिसमें उत्पादन के साधन पर निजी स्वामित्व होता है। इसे कभी-कभी व्यक्तिगत स्वामित्व के पर्यायवाची के तौर पर भी प्रयुक्त किया जाता है। यद्यपि जहा व्यक्तिगत का अर्थ किसी एक व्यक्ति से भी हो सकता है। दूसरे रूप में ये कहा जा सकता है कि पूंजीवादी तंत्र लाभ के लिए चलाया जाता है, जिसमें निवेश, वितरण, आय उत्पादन मूल्य बाजार मूल्य इत्यादि का निर्धारण मुक्त बाजार में प्रतिस्पर्धा द्वारा निर्धारित होता है। पूजीवाद एक आर्थिक पद्धति है जिसमें पूजी के निजी स्वामित्व,
उत्पादन के साधनों पर व्यक्तिगत नियंत्रण, स्वतंत्र औद्योगिक प्रतियोगिता और उपभोक्ता द्रव्यों के अनियंत्रित वितरण की व्यवस्था होती है। पूजीवाद की कभी कोई निश्चित परिभाषा स्थिर नहीं हुई, देश, काल और नैतिक मूल्यों के अनुसार इसके भिन्न-भिन्न रूप बनते रहे है।
विकासशील, विकसित, अल्पविकसित अर्थव्यवस्था
अर्थव्यवस्था को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है (1) अल्पविकसित अर्थव्यवस्था:- जब किसी देश की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय तथा प्रति व्यक्ति आय कम होती है तथा बड़े पैमाने में गरीबी, कुपोषण,
बेरोजगारी तथा अशिक्षा पाई जाती है तो उसे अल्पविकसित अर्थव्यवस्था कहते हैं। यहां के लोगों का जीवन स्तर निम्न होता है।
(2) विकासशील अर्थव्यवस्था-जब किसी देश की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति आय कम होती है, परंतु आर्थिक विकास के कारण विकास की ओर बढ़ती है तो इसे विकासशील अर्थव्यवस्था कहते है। यहां निर्यात की अपेक्षा आयात अधिक होता है।
(3) विकसित अर्थव्यवस्था:- जिस देश की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय तथा प्रति व्यक्ति आय उच्च होती है जीवन स्तर ऊंचा होता है सकल घरेलू उत्पाद में तृतीयक क्षेत्र का योगदान अधिक होता है गरीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा नहीं पाई जाती है तथा देश में नगरीकरण व देश में आयात की अपेक्षा निर्यात अधिक होता है जन्म व मृत्यु दर कम होती है उस देश की अर्थव्यवस्था को विकसित अर्थव्यवस्था कहते हैं।
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