करियर नियोजन की आवश्यकता - career planning needs

करियर नियोजन की आवश्यकता - career planning needs


करियर नियोजन आज के परिवर्तनशील युग में हर व्यापार, कंपनी या उद्योग की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। इस के बिना व्यवसाय की सफल कल्पना कर पाना असंभव है। आज के युग में प्रतिस्पर्धा की दौड़, अपने व्यवसाय को स्थापित करना और उसमें बने रहने के लिए करियर नियोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतिस्पर्धा के कारण कर्मचारियों का संगठन को छोड़ कर जाना आम बात है इससे संगठन को हानि होती है। इस कारण करियर नियोजन कर्मचारियों को संगठन में बनाए रखने में मदद करता है।


करियर नियोजन केवल संगठन की भलाई के लिए नहीं होता, बल्कि यह क्रिया संगठन और कर्मचारी दोनों के लिए होती है। यह कर्मचारी को समय समय पर दिशा निर्देश कर उनकी कार्य दक्षता बढ़ाने में सहायक है,

जिससे कर्मचारी का विकास होता है। जिस कारण वह भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अपने आपको समर्थ बना लेता है।


करियर नियोजन का निर्धारण संगठन के प्रारंभ होने से पहले ही हो जाता है और यह क्रिया लगातार चलती रहती है। कर्मचारियों की नियुक्ति के समय करियर नियोजन की विशेष भूमिका है। जिससे कर्मचारी की चयन प्रक्रिया से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पर करियर नियोजन प्रभावित करती है, जिससे सही कर्मचारी की नियुक्ति की संभावना बढ़ जाती है।


करियर नियोजन कर्मचारी की कार्य क्षमता को बढ़ाने और समय-समय पर उन्हें अभिप्रेरित करने का कार्य करता है।

इससे कर्मचारी का मार्गदर्शन उसकी कार्य कुशलता एवं भावना का विकास होता है। करियर नियोजन कर्मचारी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे कर्मचारी उत्साहित होकर कार्य करता है और संगठन से जुड़ा रहता है।


करियर नियोजन का कार्य है कि वह कम लागत पर कर्मचारी की नियुक्ति करे और संगठन को अधिक लाभ के साथ-साथ कर्मचारियों में असंतुष्टि या असंतोष की भावना पैदा न होने दे। अगर किसी कारण कर्मचारियों में असंतुष्टि की भावना पैदा हो गई तो उसे दूर करने का महत्वपूर्ण कार्य करियर नियोजन द्वारा किया जाता है।


संगठन के भीतर उपलब्ध प्रबंधकीय कौशल के उपयोग को बढ़ाने हेतु संगठन नियोजन हमेशा सक्रिय रहता है। जिसके कारण कर्मचारी अनुशासन का पालन करते हैं, जिससे कार्य दक्षता का विकास होता है और कार्य नियमित रूप से चलता रहता है।