एकाधिकार उत्पन्न होने के कारण - cause of emergency of monopoly

एकाधिकार उत्पन्न होने के कारण - cause of emergency of monopoly


सामान्यतया एकाधिकार शक्ति वस्तु की पूर्ति के नियन्त्रण में निहित है । एकाधिकारी अपनी वस्तु की पूर्ति पर नियन्त्रण रखते हुए इसकि कीमत ऊँची रख सकता है वह केवल किसी प्रकार अपने प्रतिस्पर्धियों को उत्पन्न नहीं होने देता तथा वस्तु के उत्पादन का केवल एक मात्र विक्रेता अथवा उत्पादक बना रहता है, एक विचारणीय बिन्दु है । वह एकाधिकारी स्थिती को बनाये रखने में सफल होत जाता है एकाधिकार उत्पनन्न होने के निम्नलिखित कारण हैं।


1. कच्चे माल के स्वामित्व का केन्द्रीयकरण (concentration of ownership of raw material) जब वस्तु के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल का स्वामित्व किसी एक धर्म के पास संकेन्द्रित हो जाता है तो एकाधिकार शक्ति उत्पन्न हो जाती है और उद्योग में नई फर्मों का प्रवेश अवरूध्द कर दिया जाता है । खनिज एवं वन पदार्थों का स्वामित्व एक फर्म के हाथ में होने पर अधिकार पनप जाता है।


2. कानूनी संरक्षण (Legal Protection ) कुछ फर्मों को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है । उदाहरणार्थ पेटेन्ट प्राप्त कर लेना तथा पेटेन्ट कई वर्षो तक चलता रहता है । इससे फर्म इस पेटेन्ट के अन्तर्गत जिस वस्तु का उत्पादन करती है, दूसरी फर्म ऐसा उत्पादन नहीं कर सकती हैं । पेर्टेन्ट, ट्रेडमार्क आदि ऐसे वैधनिक संरक्षण हैं जिससे फर्म में एकाधिकारी प्रवृती को पोत्साहन मिलता है।


3. सरकारी नियमन (dtate (state regulation) सरकारी वैधनिक नियमन के कारण भी एकाधिकारी की प्रवृति को प्रोत्साहन मिलता है जब सरकार एवं एक व्यवसायी के बीच प्रसंविदा हो जाती है तो वह व्यवसायी एक एकाधिकारी शक्ति प्राप्त करने में सफल हो जाता है ।


उदाहरण उचित मूल्य की दुकान द्वारा चीनी एवं मिटटी के तेल का वितरण उस क्षेत्र विशेष में एकाधिकारी शक्ति को प्रोत्साहन देता है। यह प्रवृति सरकारी नीती के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है


4. जनोपयोगी सेवायें (Public Utility Services) जनोपयोगी सेवाएँ जैसे विद्युत, गैस रेल परिवहन तथा संचार सुविधाएँ आदि की पूर्ति सरकार द्वारा ही की जाती है। अन्य स्त्रोतों से इनकी पूर्ति नहीं की जाती है । अत सरकार धीरे-धीरे इनकी पूर्ति एवं कीमत को नियन्त्रित करती है।


5 गला काट प्रतिस्पवर्धा (cut throat competition) पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में कई बार एक उत्पादक अत्यधिक गलाकाट आक्रमक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपने प्रतियोगियों को बाजार से समाप्त कर देती है

तथा नये प्रतियोगियों का प्रवेश रोक सकती है। इस तरह की प्रतिस्पर्धा में अनेक अनैतिक या गलत तरीके भी अपनाये जाते हैं जिससे विधामान प्रतियोगी फमों को समाप्त करके एकाधिकार उत्पन्न किया जाता है ।


6. संयोग (comibination) वर्तमान युग में अनेक प्रतियोगी फर्मे अपने स्वहित की रक्षा के लिए स्वेच्छा से प्रतिस्पर्धा समाप्त करने के लिए एक मत हो जाती हैं तथा अनेक तरह के व्यावसायिक संयोगों के माध्यम से एकाधिकारी की स्थिती प्राप्त कर लेती है ।


7. व्यकितगत आय (Personal Skill) कुछ पेशे के क्षेत्रों में व्यक्तिगत गुणों के महत्त्व के कारण एकाधिकार की शक्ति प्राप्त हो जाती है जैसे एक चार्टर्ड उकाउन्टेन्ट, वकील एकटर अथवा डाक्टर अपने व्यक्तिगत गुणों के कारण अपने-अपने पेशे के क्षेत्रों में एकाधिकारी बन जाते हैं।