आन्तरिक बचतों के उत्पन्न होने के कारण - Causes of Internal Economies

आन्तरिक बचतों के उत्पन्न होने के कारण - Causes of Internal Economies


वर्तमान समय में आन्तरिक बचतों के उत्पन्न होने के अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन फिर भी व्यवहार में आन्तरिक बचते उत्पन्न होने के निम्न दो प्रमुख कारण हो सकते हैं:


(1) उत्पादन के साधनों की अविभाज्यता - उत्पादन के अनेक साधन जैस प्लान्ट, मशीन एवं प्रबन्ध इस स्वभाव के होते हैं कि एक सीमा के पश्चात् इनका विभाजन नहीं किया जा सकता है। अतः उत्पादन की मात्रा में वृद्धि करके अविभाज्य साधन की पूरी पूरी उत्पादन क्षमता का प्रयोग करके बचत प्राप्त की जा सकती है। उदाहरणार्थ, एक प्रबन्धक 100 कर्मचारियों का कार्य देख सकता है, अतः यदि संस्था 20 कर्मचारी ही रखेगी तो प्रबन्धक की प्रति इकाई लागत अधिक आयेगी और इसके विपरीत यदि संस्था 200 कर्मचारी रखेगी तो प्रबन्धक की लागत प्रति इकाई कम होगी।


(2) श्रम विभाजन एवं विशिष्टीकरण के लाभ-यदि फर्म बड़े पैमाने पर उत्पादन करे तो उसे श्रम विभाजन एवं विशिष्ट किरण के लाभ होंगे क्योंकि श्रम विभाजन एवं विशिष्टीकरण से श्रमिकों की कुशलता में वृद्धि होती है तथा वे कम समय में अधिक उत्पादन प्रक्रिया को समर्थ होते हैं। श्रम विभाजन एवं विशिष्ट किरण की प्रक्रिया में फर्म की उत्पादन प्रक्रिया को कई प्रक्रियाओं में विभाजित करके विशिष्ट मशीनो एवं प्रशिक्षित श्रमिकों से काम लिया जाता है, जिससे श्रमिकों की कुशलता में वृद्धि होती है। श्रम विभाजन एवं विशिष्टीकरण की प्रक्रिया केवल श्रमिकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रबन्ध एवं संगठन में भी इसे अपनाया जाता है जिससे प्रति इकाई लागत में आशातीत कमी आती है।