वैश्विक संभार तंत्र प्रबंध में चुनौतिया - Challenges in Global Logistics Management

वैश्विक संभार तंत्र प्रबंध में चुनौतिया - Challenges in Global Logistics Management


(1) जटिल प्रकृति


घरेलू व्यवसाय की तुलना में अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में संभार तंत्र प्रबंध अधिक जटिल होता है। वैश्विक व्यवसाय में पूर्तिकर्ता, निर्माणी इकाई, डीलर उपभोक्ता आदि विश्व के विभिन्न देशों में फैले होते है। बड़े आकार की अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक इकाई में पूर्तिकर्ताओं व डीलरों की संख्या हजारों में तथा ग्राहकों की संख्या लाखों में होती है।


(ii) अधिक परिवहन लागतः


वैश्विक व्यवसाय में निर्माणी इकाइयों व ग्राहक विभिन्न देशों में फैले होते है। निर्मित उत्पादों के निर्माणी इकाइयों से डीलरों तक तथा डीलरों से अंतिम उपभोक्ताओं तक प्रवाह में परिवहन लागत बहुत अधिक आती है तथा समय भी बहुत अधिक लगता है।


(iii) टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाएँ


कुछ देश विदेशी उत्पादों के अंतप्रवाह पर विभिन्न टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाए जैसे आयात कर, आयात कोटा, लाइसेंस परमिट आदि लगाते हैं। इससे निर्मित उत्पादों के विभिन्न देशों के मध्य स्वतंत्र प्रवाह में रूकावट आती है।


(iv) देशीय जोखिम व राजनीतिक जोखिमः


वैश्विक व्यवसाय में वितरण व्यवस्था बहुत से देशों में फैली होती है। किसी भी देश में कभी भी कानून व्यवस्था या कोई अन्य समस्या आ सकती है, जिससे वितरण व्यवस्था में रूकावट आ सकती है। इसके अलावा मेजबान देश में या निर्यातकर्ता के देश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण राजनीतिक जोखिम उत्पन्न हो सकता है। सरकार के बदलने से आर्थिक नीतियों में आकस्मिक परिवर्तन आ सकता है। इससे समार तंत्र प्रबंध में बाधा आती है।


(v) विनिमय दर में उतार-चढ़ाव


विभिन्न देशों के मध्य विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। यदि निर्यातकर्ता के देश की मुद्रा का मूल्य अन्य देशों की मुद्रा के मूल्य की तुलना में बढ़ जाता है तो निर्यातक देश की व्यावसायिक इकाई पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि वैश्विक व्यावसायिक इकाई अपनी कुछ निर्माणी कियाएं या अन्य कियाए बाहरी स्रोतों से करवाती है तो उत्पादों की क्वालिटी घटिया होने पर


(vi) आउटसोर्सिंग से जुड़ा जोखिमः


उत्पादों की पूर्ति में विलम्ब होने पर जिम्मेवारी वैश्विक इकाई को ही उठानी पड़ती है। यदि उत्पादों की क्वालिटी घटिया होने के कारण उपभोक्ताओं को कोई हानि होती है तो उपभोक्ता वैश्विक कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही करते हैं। इससे वैश्विक कंपनी के सभार तंत्र प्रबंध में बाधा आती है।