आर्थिक जगत में होने वाले परिवर्तन - changes in the economic world

आर्थिक जगत में होने वाले परिवर्तन - changes in the economic world


आर्थिक उदारीकरण के परिणाम स्वरुप उद्योगों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिला है। विकसित देशों के औद्योगिक संस्थानों के लिए अर्थव्यवस्था के द्वार खुल गए हैं। औद्योगिक इकाइयों का आकार बेहतर होने लगा है। ऐसी स्थिति में इन संगठनों में लगने वाले संसाधनों में भी अभिवृद्धि होना स्वाभाविक ही है।


बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हमारी अर्थव्यवस्था में प्रवेश का मानव संसाधनों के संदर्भ में एक प्रभाव यह पड़ा है कि उच्च स्तरीय प्रबंधकों का क्षतिपूरक (वेतनमान तथा सुविधाएँ ) एकदम बढ़ गया है। इसी कारण उच्च स्तरीय प्रबंधकों की माँग में वृद्धि अप्रत्यक्ष हुई है, जिससे माँगों की पूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है। प्रबंधकों के जिम्मेदारियों में भी अचानक वृद्धि हो रही है और प्रबंधकों की उम्मीदे बढ़ रही है बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने से मानव संसाधन नियोजन बेहद जरुरी हो गया है।