आंकड़ों का वर्गीकरण - classification of data
आंकड़ों का वर्गीकरण - classification of data
सामान्य अर्थ में वर्गीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें संकलित तथ्यों को संक्षिप्त, स्पष्ट बनाने के साथ उन्हें उनकी समानताओं एवं विभिन्नताओं के आधार पर कुछ निश्चित वर्गों या समूहों में व्यवस्थित किया जाता है। उदाहरण के लिए कुरुक्षेत्र जिले में 10,000 परिवार लैपटॉप का प्रयोग करते है। यहा केवल इतने आकड़ों या समक से किसी प्रकार का निष्कर्ष निकालना कठिन है। चूंकि तुलना, विश्लेषण या व्याख्या के लिए सामग्री का संक्षिप्त रूप में होना आवश्यक है। अत: समान लक्षण वाले तथ्यों को एक समूह में एक अन्य समूहों में वर्गीकृत करना आवश्यक होता है। इस उदाहरण में तथ्यों का वर्गीकरण निम्न आधार या लक्षणों पर हो सकता है
(i) शहरी एवं ग्रामीण परिवार।
(ii) शिक्षित एवं अशिक्षित परिवार।
(iii) उच्च आय वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग
(iv) ग्राण्ड आधार (एप्पल लिनावो, एच.सी.एल. आदि)
उपर्युक्त विवेचन से वर्गीकरण की अग्र विशेषताएं स्पष्ट होती है-
(i) वर्गीकरण एकत्रित समकों को विभिन्न लक्षणों वाले वर्गों में बाटने की प्रक्रिया है।
(ii) वर्गीकरण का आधार समानताए एवं विभिन्नताएं होती है।
(iii) वर्गीकरण वास्तविक या काल्पनिक रूप में किया जाता है।
(iv) वर्गीकरण का उद्देश्य अव्यवस्थित बिखरी हुई जटिल सामग्री को सरल एवं संक्षिप्त रूप प्रदान करना, समानता व असमानता को स्पष्ट करना तथा सारणीयन का आधार प्रस्तुत करना है।
(v) समका या आंकड़ों का वर्गीकरण गुणात्मक तथा संख्यात्मक रूप में किया जा सकता है ।
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