माल के स्वामित्व का हस्तांतरण के उद्देश्य से माल का वर्गीकरण तथा स्वामित्व के हस्तांतरण संबंधी नियम - Classification of goods for the purpose of transfer of ownership of goods and rules regarding transfer of ownership

माल के स्वामित्व का हस्तांतरण के उद्देश्य से माल का वर्गीकरण तथा स्वामित्व के हस्तांतरण संबंधी नियम - Classification of goods for the purpose of transfer of ownership of goods and rules regarding transfer of ownership


सामान्यतः विक्रेता तथा क्रेता जब चाहे आपस में मिलकर यह तय कर सकते हैं कि माल के स्वामित्व का हस्तांतरण कब और किस समय होगा। इस प्रकार के अनुबंध के अभाव में निर्णय भारतीय अनुबंध अधिनियम के अनुसार होगा। स्वामित्व के हस्तांतरण के उद्देश्य से माल को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:


1. निश्चित अथवा विशिष्ट माल


2. अनिश्चित अथवा साधारण माल


3. अनुमोदन के लिए भेजा हुआ माल


4. व्यवस्थापन के अधिकार को सुरक्षित करने की दशा में स्वामित्व का हस्तांतरण


1. निश्चित अथवा विशिष्ट माल की दशा में स्वामित्व का हस्तांतरण -


ऐसा माल जो विक्रय अनुबंध करते समय तय और पहचान लिया गया हो, उसे निश्चित अथवा विशिष्ट माल कहते है।


स्वामित्व के हस्तांतरण का समय :- विक्रय अनुबंध अधिनियम की धारा 19 (1) के अनुसार, "जहाँ निश्चित अथवा विशिष्ट माल के विक्रय के लिए अनुबंध होता है, वहाँ माल के स्वामित्व का हस्तांतरण क्रेता को उस समय होता है जबकि अनुबंध के पक्षकारों ने हस्तांतरण का आशय अथवा अभिप्राय प्रकट किया हो।"


जब कोई विपदीत आशय प्रकट न होता ये तो क्रेता को माल के स्वामित्व के हस्तांतरण के समय संबंध में पक्षकारों के अभिप्राय को जानने के लिए निम्नलिखित नियमों की सहायता लेनी होगी -


I. निश्चित अथवा विशिष्ट माल की सुपुर्दगी की दशा में यदि निश्चित अथवा विशिष्ट माल की बिक्री के लिए कोई बिना शर्त अनुबंध किया गया हो, तो क्रेता को माल का स्वामित्व अनुबंध के समय ही प्राप्त हो जाता है चाहे भुगतान का समय अथवा माल की सुपुर्दगी का समय अथवा दोनों स्थगित कर दिया गया हो।


II. निश्चित अथवा विशिष्ट माल को सुपुर्दगी योग्य दशा में किया जाना हो यदि निश्चित अथवा विशिष्ट माल के विक्रय के लिए अनुबंध हुआ हो और विक्रेता माल सुपुर्दगी योग्य दशा में लाने के लिए कुछ कार्यकरने के लिए बाध्य हो,

तो स्वामित्व का हस्तांतरण उस समय तक नहीं होगा जब तक कि इस प्रकार का कार्य न कर दिया गया हो और इसकी सूचना क्रेता को दे दी हो।


III. निश्चित अथवा विशिष्ट माल जो जो सुपुर्दगी योग्य है किन्तु विक्रेता को मूल्य निश्चित करने के लिए कुछ कार्य करना है- यदि ऐसे निश्चित अथवा विशिष्ट माल के विक्रय का अनुबंध किया गया है जो सुपुर्दगी योग्य है परन्तु विक्रेता मूल्य निर्धारण के लिए माल को तोलने, नापने परीक्षण अथवा कोई अन्य कार्य करने के लिए बाध्य है। ऐसी स्थिति में स्वामित्व का हस्तांतरण तब तक नहीं होगा जब तक कि वह कार्य नहीं कर दिया जाता और इसकी सूचना क्रेता को नहीं दी जाती।