गुच्छिय विश्लेषण - cluster analysis

गुच्छिय विश्लेषण - cluster analysis


ऐसे व्यक्ति विशेष या वस्तुओं के समरुप समूह जो एक दूसरे के समान है, परन्तु अन्य वस्तुओं के समूह से भिन्न हैं को लाभप्रद या बुद्धिमतापूर्वक संतुष्ट किया जा सकता है अपने ग्राहकीय आधार का उपयोग करते हुए उन समरुपी या प्रतिक्रियात्मक आदतों वाले या मिलते-जुलते ग्राहकों का दल बनाने कि क्रिया को गुच्छिय विश्लेषण कहते है उन उप-समूहो एवं सभावित कुशग्रहों की समानता के विचारार्थ उनके लक्ष्यात प्रस्तावों का उपयोग किया जा सकता है किसी खंड मनोवैज्ञानिक विवरणों के स्तर उन के दलों के उत्तरदायी उच्चारणों के तहत उप-समूह बनाया जा सकता है। इस प्रकार निर्दिष्ट व्यवहार और खास इच्छाओं का अध्ययन करने की प्रक्रिया गुच्छिय विश्लेषण कहलाता है।


उदाहरणार्थ, एक शैंपू विक्रेता लोगों के पूर्व कयों के समान उच्चारणों को सम्मिलित कर विपणन विताओं को अपने अंकित विपणन में कर सकता है। विक्रेता अनुसंधान में सजातीय सवर्गों के टेलीविज़न प्रदर्शन के लक्षणों को जांचने की जिम्मवारी सौपी जा सकता है।


यह बाजार को खड़ित करने हेतु प्रयोग किया जा सकता है। सभ्यताओं एवं उत्पादन कय से पाए गए कपालों का समूह बनाया जा सकता है। अगर एक विक्रेता अपने उत्पाद के उपभोक्ताओं के लक्षणों का परीक्षण करना चाह रहा है या बाजार को उप-समूहों में विभाजित करना चाहता है तो उन आधारों को जैसे सामाजिक मनोवैज्ञानिक आदि के परिणाम को सूचीबद्ध किया जा सकता है सार रूप में सजातीय समूह को हिस्सों में बांटकर विश्लेषण आरम्भ किया जा सकता है। सबसे पहले समरुप समूहों के परिवर्तनों का अध्ययन किया जाना चाहिए।

फिर यह जाना जाता है कि क्या समरूप मामलों में आपसी निकटता या दूरीयों के मानकीकरण परिवर्तनों में भागीदारी की जा सकती है। अलत मामलों का संख्या के आधार पर एवं परिवर्तनों के मद्देनजर समूह बनाने का प्रयत्न किया जा सकता है। शासित व्यवस्था समूहीकरण, एक उपयोगी साख्यिकीय परिभाषा का चुनाव कर परीक्षण करना है कि दोनों समूहों के बीच कितनी दूरी है तब समूह के गठन करने की प्रणाली का चयन किया जाता है। अगर आपको अधिकाधिक समूहों का उपयोगी समाधान ढूंढना है तो आपको ऐसे आंकड़ों की व्याख्या करने का निश्चय करना आवश्यक है। आपको एक प्रतिस्थापित समूहों का गठन करना है या उन्हें सिकोड़ने के लिए अतिरिक्त समूहों का सृजन करना होगा। इस माध्यम से समूहीकरण में समूह की संख्या का निर्धारण किया जाता है। इस सांख्यिकीय पुनरावृत्ति का अनुमान लगाने का अर्थ है सभी समूहों के आपस की दूरी को कम से कम कर दिया जाता है। द्विकरण समूहीकरण में वृहत सरलीकरण करना है। प्रथमतः बाजार को दृष्टिगत किया जाता है। संगठन को स्वच्छानुसार समूहों की संख्या बतलाना या पूर्वचिन्हित कसौटी का गणितीय निर्णय करना ही गुच्छिय विश्लेषण है।