आन्तरिक एवं बाह्य बचतों की तुलना- Comparison of internal and external savings

आन्तरिक एवं बाह्य बचतों की तुलना - Comparison of internal and external savings


आन्तरिक बचतें एक फर्म विशेष के आकार में वृद्धि का परिणाम है, इसके विपरीत बाह्य बचतें सम्पूर्ण उद्योग के आकार में वृद्धि अथवा उद्योग के स्थायीकरण का परिणाम है। संक्षेप में आन्तरिक बचतें एक फर्म विशेष को प्राप्त होती हैं। आन्तरिक बचते फर्म विशेष के आकार में वृद्धि या फर्म में विशिष्टीकरण के कारण उत्पन्न होती हैं। बाह्म बचते स्थानीयकरण व क्षेत्र विशेष में विशिष्टीकरण का परिणाम है। आन्तरिक बचतें केवल एक फर्म विशेष को लाभ पहुँचाती हैं, जबकि बाह्म बचते समान रूप से सभी फर्मों को लाभ पहुँचाती है।


कोई बचत आन्तरिक बचत है अथवा बहि बचत है यह निश्चित करना कई बार कठिन हो जाता है, क्योंकि एक बचत विशेष एक फर्म विशेष के लिए आन्तरिक हो सकती है

तथा अन्य फर्मों के लिए भी हो सकती है जैसे चीनी मिल द्वारा अपने अवशिष्ट पदार्थ का उपयोग करने के लिए शराब का कारखाना स्थापित किया जाय तो उस चीनी मिल में संविलियन हो जाय तो यह बचत सभी मिलों के लिये आन्तरिक बचत बन जायेगी। इसी कारण कुछ अर्थशास्त्री आन्तरिक एवं बहि बचतों का भेद करना निरर्थक समझते हैं और वे इन बचतों को आन्तरिक बहि बचतें कहना ज्यादा उपयुक्त समझते हैं। यहाँ दो प्रमुख अर्थशास्त्रियों के विचार दिये गये हैं जो इस मत के है।


व्यक्तिगत फर्मों के लिए आन्तरिक तथा बहि दोनो प्रकार की बचते हो सकती है परन्तु समस्त अर्थव्यवस्था के लिए केवल आन्तरिक बचते ही हो सकती हैं।"

बड़े पैमाने की बचतों को आन्तरिक बहि बचतें कहा जाना चाहिए। आन्तरिक बचते फर्म के आकार में वृद्धि के कारण प्राप्त होती हैं, तो बहि बचते उद्योग के आकार में वृद्धि के कारण प्राप्त होती हैं।"