क्षतिपूर्ति या हर्जाना - compensation or damages

 क्षतिपूर्ति या हर्जाना - compensation or damages


हर्जाना का अर्थ मुद्रा क्षतिपूर्ति से है जिसे कि पीड़ित पक्षकार अनुबंध के खंडन की अवस्था में पाने का अधिकारी है। इस प्रकार अनुबंध का खंडन होने पर हर्जाना क्षतिपूर्ति के रूप में आता है।


क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारण करने से संबंधित नियम


भारतीय अनुबंध अधिनियम की धाराओं 73 तथा 74 के आधार पर अनुबंध के खंडन की दशा में निम्नलिखित नियम हैं:.


i. अनुबंध के खंडन होने की दशा में पीड़ित पक्षकार अनुबंध का खंडन करने वाले पक्षकार से निम्नलिखित हानियों के प्रति क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी है :


• यदि क्षति अनुबंध खंडन के स्वाभाविक परिणाम स्वरूप हुई है।


• यदि अनुबंध करते समय दोनों पक्षकारों को यह ज्ञान था कि खंडन की दशा में इस प्रकार की हानि होगी, अथवा पक्षकारों को खंडन के परिणामों का ज्ञान था। 


ii. यदि अनुबंध खंडन से होने वाली हानि दूर की तथा अप्रत्यक्ष हो, तो हर्जाना नहीं मिलेगा।


iii. अनुबंध खंडन से होने वाली हानि अथवा क्षति का अनुमान लगते समय उन साधनों को, जोकि अनुबंध के निष्पादन न होने से उत्पन्न हुई असुविधा को दूर करने के लिए विद्यमान थे, ध्यान रखना चाहिए।


iv. यदि अनुबंध करते समय दोनों पक्षकार सहमत हो गया हो कि अनुबंध खंडन की दशा में दोषी पक्षकार एक निश्चित धनराशि देगा तो ऐसी दशा में खंडन का अभियोग चलने वाला पक्षकार, भले ही वास्तविक हानि प्रमाणित हुई हो अथवा नहीं, उचित हर्जाना पाने का अधिकारी है। यह हर्जाना निर्धारित धन से अथवा दंड की राशि से अधिक नहीं होना चाहिए।