योग्यता का मानचित्रण - competency mapping
योग्यता का मानचित्रण - competency mapping
योग्यता का मानचित्रण कर्मचारियों का चयन, भर्ती और उपयुक्त कर्मचारी को संगठन में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग्यता मानचित्रण एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हम कौशल की आवश्यकता, ज्ञान का स्तर और व्यावहारिक क्षमताएं आदि किसी विशिष्ट नौकरी के लिए किसी कर्मचारी में देखते हैं। योग्यता मानचित्रण निम्नलिखित चरणों के माध्यम से किया जा सकता है-
i. कार्य विश्लेषण- कार्य विश्लेषण, दो शब्दों कार्य एवं विश्लेषण के योग से बना है। यह एक प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक कार्य के संबंध में आवश्यक लक्ष्यों को एकत्र किया जाता है, उनको तालिका बद्ध किया जाता है, उनका विश्लेषण किया जाता है और तत्पश्चात उनसे निष्कर्ष निकाले जाते हैं। इसे कार्य-अध्ययन भी कहते हैं। कार्य विश्लेषण के चार लक्ष्य होते हैं-
1. प्रत्येक कार्य को करने की जो विधि निर्धारित की गई है उसमें सुधार करने के लिए।
2. स्वास्थ्य व सुरक्षा की दृष्टि से सावधानियों का पता लगाने के लिए।
3. प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाने के लिए।
4. स्थानांतरण, पदोन्नति एवं वेतन आदि के लिए।
II. व्यवहार घटना साक्षात्कार - डेविड मेक्लिलेण्ड ने कर्मचारियों की सामान्य और अच्छे प्रदर्शन की पहचान के लिए साक्षात्कार विधि का सृजन किया। उनकी यह विधि महत्वपूर्ण घटना तकनीक पर आधारित है। इस प्रक्रिया में कर्मचारी से तीन सफलताओं और तीन असफलताओं के विषय में कहानी के माध्यम से बताने के लिए कहा जाता है। इसमें साक्षात्कार कर्ता, जाँच कर्ता की तरह कार्य करता है।
वार्तालाप में शामिल हों