अनुबंध की अवधारणा , परिभाषाएं - concept and definitions of contract

अनुबंध की अवधारणा , परिभाषाएं - concept and definitions of contract


भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 से पूर्व देश मे ऐसा कोई सामान्य अनुबंध अधिनियम नही था जो सम्पूर्ण राष्ट्र में समान रूप से लागू होता रहा हो। भारत में अनुबंध अधिनियम 25 अप्रैल 1872 को भारतीय संसद द्वारा भारतीय अनुबंध अधिनियम के नाम से पारित किया गया। यह जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत के समस्त राज्यों के लिए लागू होता है।


अनुबंध अधिनियम का उददेश्य अनुबंध के पक्षकारों का अपने वचनों अथवा दायित्वों को पूरा करने हेतु बाध्य करना है जिससे व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन सफलता पूर्वक संभव हो ।


अनुबंध की परिभाषाएं


भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 2 एच के अनुसार, “अनुबंध एक ठहराव है जो कि राजनियम द्वारा प्रवर्तनीय होता है।"


इसके अलावा अनुबंध शब्द को विभिन्न विद्वानो एवं न्यायधीशों ने समय समय पर परिभाषित किया है :


श्री सालमण्ड के अनुसार, अनुबंध एक प्रकार का ठहराव है जो पक्षकारो के मध्य दायित्व उत्पन्न करता है तथा पक्षकारों के दायित्व की व्याख्या करता है।"


लार्ड हाल्सबरी के शब्दों में, अनुबंध दो या दो से अधिक व्यक्तियों के मध्य ऐसा ठहराव है जो राजनियम द्वारा प्रवर्तित कराने के उददेश्य से किया जाता है तथा इसका निर्माण एक पक्षकार द्वारा किसी कार्य को करने अथवा करने से विरत रहने से दूसरे पक्षकार के प्रस्ताव की स्वीकृति देने के परिणाम स्वरूप होता है।"