शर्त तथा आश्वासन की कसौटी - condition and criterion of assurance
शर्त तथा आश्वासन की कसौटी - condition and criterion of assurance
वस्तु विक्रय अधिनियम की धारा 12(4) के अनुसार, 'विक्रय अनुबंध में कोई बंधन शर्त है अथवा आश्वासन यह प्रत्येक अनुबंध की बनावट पर निर्भर करता है। कोई बंधन शर्त भी हो सकता है, यद्यपि अनुबंध में आश्वासन कहा गया है।
शर्त तथा आश्वासन में अंतर
देखने सुनने में शर्त एवं आश्वासन एक जैसी प्रकृति के प्रतीत होते हैं,
परन्तु वास्तव में वस्तु विक्रय अनुबंध के व्यवहार के दौरान उनमें अंतर दृष्टिगत होता है। कोई कथन शर्त है अथवा आश्वासन इस बात पर निर्भरकरेगा कि वह कथन अनुबंध के लिए मूलभूत आधार है यह केवल समपार्श्विक वचन मात्र है।
शर्त उन मुख्य स्तंभों की भ्रांति है जिन पर सम्पूर्ण अनुबंध टिका हुआ होता है और मुख्य स्तंभों में से किसी एक के टूट जाने पर संपूर्ण भवन धराशायी हो जाता हैं, जबकि आश्वासन उन सहायक स्तंभों की श्रृंखला भी भ्रांति है जो किसी मुख्य स्तंभ के श्रृंखला के समानांतर खड़ी है जिनमें किसी एक के टूटन पर मुख्य स्तंभ को कुछ भी हानि नहीं होती है, केवल कुछ हानि उठानी पड़ती है।
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