बहु-बैंकिंग प्रणाली द्वारा साख का निर्माण - Creation of credit through multi-banking system

बहु-बैंकिंग प्रणाली द्वारा साख का निर्माण - Creation of credit through multi-banking system


वास्तविक संसार के किसी अर्थव्यवस्था में केवल एक ही बैंक नहीं होता, बल्कि बहुत से बैंक होते हैं। एक अकेला बैंक अपनी फालतू नकदी से अधिक साख का निर्माण नहीं कर सकता। परंतु बहु बैंकिंग प्रणाली अपनी प्राथमिक जमाओं से कई गुना अधिक साख का निर्माण कर सकती है। बहु बैंकिंग प्रणाली में भी साख निर्माण का अध्ययन दो प्रकार से किया जा सकता है-


(i) साख गुणक का आधार मान लीजिए किसी अर्थव्यवस्था में कई बैंक है। बैंक 'अ' के पास एक व्यक्ति 1,000 रू. नकदी के रूप में जमा करवाता है। बैंक अपने अनुभव के आधार पर यह जानता है कि सभी जमाकर्ता अपनी जमा को एक ही समय में नहीं निकलवाएंगे। मान लीजिए बैंक कुल जमा का 10 प्रतिशत नकद कोष में रखकर बाकी की राशि ऋण के रूप में दे देता हैं।

इस उदाहरण में 'अ' बैंक 100 रू. नकद कोष में रखकर 900 रू. किसी क व्यक्ति को उधार देगा। जिस व्यक्ति को रुपया उधार दिया गया है। वह इस रुपये का भुगतान चैक के रूप में ऐसे व्यक्ति को करता है जिसका खाता ब' बैंक में है। यह व्यक्ति 900 रू. के चैक को ब बैंक में जमा करा देगा। इस प्रकार व बैंक 900 रू. का 10 प्रतिशत अर्थात 90 रू. नकद कोष में रखकर 810रू उधार दे देगा।


(ii) बैलेंस शीट का आधार मान लीजिए अर्थव्यवस्था में अब.स तथा कई अन्य बैंक हैं।