सुपुर्दगी की परिभाषा - definition of delivery
सुपुर्दगी की परिभाषा - definition of delivery
वस्तु विक्रय अधिनियम की धारा 12 (2) के अनुसार, "सुपुर्दगी से तात्पर्य एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को स्वेच्छापूर्वक माल के अधिकार हस्तांतरण करना है।”
सुपुर्दगी के लिए यह आवश्यक है कि माल के अधिकार का हस्तांतरण स्वेच्छा पूर्वक होना चाहिए। यदि हमाल के अधिकार का हस्तांतरण बल प्रयोग द्वारा अथवा किसी अन्य तरीके से किया जाता है तो यह स्वेच्छापूर्वक माल का अधिकार प्राप्त नहीं किया, अतः इसे सुपुर्दगी नहीं किया जायेगा । वस्तु विक्रय अधिनियम की धारा 33 के अनुसार विक्रय किये गए माल की सुपुर्दगी कोई भी ऐसा काम करके किया जा सकता है जिसमें दोनों पक्षकार यह मान लें कि सुपुर्दगी हो गई है या जिसका यह प्रभाव हो कि माल क्रेश या उसके प्रतिनिधी के अधिकार में आ जाये।
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