मानव संसाधन प्रबंधन की परिभाषा - Definition of human resource management

मानव संसाधन प्रबंधन की परिभाषा - Definition of human resource management


विभिन्न विद्वानों ने मानव संसाधन प्रबंधन को अपने- अपने ढंग से परिभाषित किया है। कुछ ने अपनी परिभाषा में कार्मिक प्रबंधन' (Personnel management) पद का उपयोग किया हैं, तो अन्य ने मानव संसाधन प्रबंधन का प्रयोग किया है। विद्वानों ने इस विधा को चाहे जिस भी नाम से संबोधित किया हो, इसकी मूल आत्मा वस्तुत: एक ही है। कुछ परिभाषाएं जो संज्ञान में लेने योग्य हैं तथा जिनसे मानव संसाधन प्रबंधन की प्रकृति एवं स्वरुप स्पष्ट होता है, निम्नलिखित हैं:


"मानव संसाधन प्रबंधन संगठनात्मक एवं व्यक्तिगत लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु लोगों का अत्यधिक प्रभावी उपयोग करने से संबंधित है। यह लोगों के कार्य का प्रबंधन करने का ढंग है, ताकि वह संगठन को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।"

(ग्लुएक एवं इवान्सेविच, 1990)


“मानव संसाधन प्रबंधन एक प्रक्रिया है जो चार गतिविधियों से मिलकर बनी है- मानव संसाधनों की प्राप्ति, उनका विकास, उनका अभिप्रेरण तथा उनका अभिरक्षण | "

(स्टीफेन पी. रॉबिन्स, 1982 )


“मानव संसाधन प्रबंधन कर्मचारियों एवं कार्य की व्यवस्था का ही प्रबंध है।"

(पी. एफ. दृकर)


“मानव संसाधन प्रबंधन प्रबंधन, प्रबंधन प्रक्रिया का वह भाग है, जो मुख्यतः किसी संगठन के मानवीय तत्वों से सम्बंधित है।"

(ब्रीच)


"साधारण अर्थ में मानव संसाधन प्रबंधन से तात्पर्य लोगों को सेवायोजित करना, उनके संसाधनों को विकसित करना, उनकी सेवाओं का उपयोग, अनुरक्षण एवं क्षतिपूर्ति कार्य, संगठनात्मक आवश्यकताओं के साथ तालमेल बैठाते हुए करना है।

(पी. सुब्बाराव)


“मानव संसाधन प्रशासन सक्षम कार्य दल को प्राप्त करने, विकसित करने एवं बनाए रखने की वह कला है, जिससे संगठन के उददेश्यों एवं कार्यों को मानव शक्ति के अधिकतम सदुपयोग द्वारा मितव्ययी ढंग से पूरा किया जाता है।"

(अमेरिकी मानव संसाधन प्रशासन समाज)


“मानव संसाधन प्रबंधन, प्रबंधन प्रक्रिया का वह भाग है, जो संगठन के मानवीय संबंधो से मुख्यत: उन मानसंबंधित है। इसका उददेश्यवीय संबंधो का प्रतिपालन करना है जिससे कि उपक्रम में कार्यरत व्यक्ति इस योग्य बन सकें कि वे उपक्रम के प्रभावपूर्ण कार्य संचालन में अधिकतम योगदान प्रदान कर सकें।"

(भारतीय मानव संसाधन प्रबंधन संस्थान, कोलकाता)


उपरोक्त सभी परिभाषाओं में मानव संसाधन प्रबंधन की प्रकृति पर विभिन्न दृष्टिकोणों से प्रकाश डाला गया है। सभी परिभाषाएं मिलकर, बहुत सीमा तक मानव संसाधन प्रबंधन के वास्तविक स्वरुप का चित्रण करती हैं।

इस सन्दर्भ मानव संसाधन प्रबंधन क्षेत्र के प्रणेता एवं अग्रणी माने जाने जाने वाले एडविन बी. फ्लिप्पो द्वारा दी गयी मानव संसाधन प्रबंधन की एक वृहद् परिभाषा विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसमें मानव संसाधन प्रबंधन के प्रबंधकीय एवं संचालनात्मक कार्य (managerial and operative functions), उसकी विषय-वस्तु (scope) तथा उसके उद्देश्यों (objectives) को सटीक एवं स्पष्ट ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो इस प्रकार है:


“मानव संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधनों की अधिप्राप्ति, विकास, क्षतिपूर्ति, पारिश्रमिक, एकीकरण, संभरण तथा वियोजन/ पृथक्करण का नियोजन, आयोजन, निर्देशन एवं नियंत्रण है, जिसकी परिणति वैयक्तिक, संगठनात्मक तथा सामाजिक उददेश्यों की पूर्ति है।"

(एडविन बी. फिलप्पो)


उपरोक्त परिभाषा के अनुसार मानव संसाधन प्रबंधन के कार्य क्षेत्र को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार हैं:


(अ) प्रबंधकीय कार्य (Managerial functions)


1. नियोजन (Planning)


2. आयोजन (Organising)


3. निर्देशन (Directing) 


4. नियंत्रण (Controlling )


(ब) संचालनात्मक कार्य


1. अधिप्राप्ति (Procurement )


2. विकास (Development)


3. क्षतिपूर्ति (Compensation)


4. एकीकरण ( Integration)


5. संभरण (Maintenance)


6. वियोजन (Separation)


उपरोक्त परीभाषा से मानव संसाधन प्रबंधन के निम्नलिखित तीन उददेश्य भी स्पष्ट होते हैं:


(अ) वैयक्तिक उददेश्य (Individual objectives)


(आ) संगठनात्मक उददेश्य (tives Organisational object )


(इ) सामाजिक उददेश्य (Social objectives)