वैश्वीकरण की परिभाषाएं - definitions of globalization
वैश्वीकरण की परिभाषाएं - definitions of globalization
(i) युकटाड के सामान्य सचिव रूबिस रिक्यूपेरो के अनुसार, "वैश्वीकरण का तात्पर्य तीन मुख्य कारणों से वैश्विक अर्थव्यवस्था के एकीकरण से है (1) उत्पादों व सेवाओं के व्यापार में वृद्धि (2) अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश में वृद्धि तथा इसके परिणामस्वरूप उत्पादन की प्रकृति में अंतर उत्पादन प्रक्रिया केवल एक देश में न होकर विभिन्न देशों में होती है, तथा (3) अंतरराष्ट्रीय मौदिक व्यवहार।
(ii) सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री दीपक नैयर के अनुसार,
वैश्वीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका संबंध वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते खुलेपन बढ़ती परस्पर निर्भरता व बढ़ते आर्थिक एकीकरण से है।"
(iii) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, वैश्वीकरण का तात्पर्य विभिन्न देशों के बीच बढ़ती आर्थिक निर्भरता से है। इसके अंतर्गत विभिन्न देशों में वस्तुओं व सेवाओं, अंतरराष्ट्रीय पूजी प्रवाहों तथा टेक्नोलॉजी के स्वतंत्र आदान प्रदान को शामिल किया जाता है।
उपर्युक्त परिभाषाओं में वैश्वीकरण की निम्न विशेषताओं पर जोर दिया जाता है-
(i) घरेलू अर्थव्यवस्था का वैश्विक अर्थव्यवस्था से एकीकरण।
(ii) अर्थव्यवस्था को विदेशी पूंजी टेक्नोलॉजी व विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलना।
(iii) निर्यातो व आयातों के प्रति उदार दृष्टिकोण स्वतंत्र विश्व व्यापार के रास्ते में आने वाली रुकावटों जैसे-टैरिफ, कोटा की समाप्ति।
(iv) बहुराष्ट्रीय निगमों का प्रसार
(vi) विदेशी पूंजी का स्वतंत्र प्रवाह
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