बैंकों का विकास - development of banks

बैंकों का विकास - development of banks


रोम सभ्यता के पतन के पश्चात् ईसा मसीह के बाद पाँचवी शताब्दी के यूरोप के अंधेरे युग का आरम्भ होने पर बहुत लंबे काल के लिए बैंकिग व्यवसाय प्रायः समाप्त सा हो गया था, जिसका पुनरुत्थान मध्य काल में हुआ। 12वीं शताब्दी में विशेषकर यहूदियों के प्रयासों से बैंकिंग का पुनः आरंभ हुआ। ईसाइयों को अपने धर्म की ओर से ऋण देकर ब्याज लेने की आज्ञा नहीं थी। इसलिए यहूदियों को बैंकिंग कार्य में किसी प्रतियोगिता का भय नहीं था । परंतु कुछ समय पश्चात् इटली के लोगों ने बैंकिंग का कार्य आरंभ कर दिया तथा लगभग दो शताब्दी के समय में उनकी क्रियाओं का विस्तार सारे यूरोप में हो गया।

1148 में जिनोआ में एक महत्वपूर्ण बैंक स्थापित हुआ और सन् 1157 में बैंक ऑफ वेनिस की स्थापना हुई। 1401 ई. में बैंक ऑफ वार्सीलोना तथा 1407 में बैंक ऑफ जिनोआ स्थापित किए गए।


आधुनिक बैंकिंग का वास्तविक विकास सत्रहवीं शताब्दी से आरम्भ हुआ। सन् 1809 में हॉलैंड में बैंक ऑफ एम्सटर्डम, सन् 1619 में जर्मनी में बैंक ऑफ हेम्बर्ग तथा 1694 में इंग्लैंड की स्थापना हुई। आर्थिक क्षेत्र में धीरे-धीरे बैंकों का महत्व बढ़ने लगा। कालान्तर में सयुक्त पूँजी वाले बैंकों की स्थापना हुई, जिससे विकास की गति तेज हो गयी और आज बैंकिंग व्यवस्था प्रत्येक देश अर्थ व्यवस्था की आधारशिला है।