निदानात्मक अनुसंधान डिजाइन - DIAGNOSTIC RESEARCH DESIGN

निदानात्मक अनुसंधान डिजाइन - DIAGNOSTIC RESEARCH DESIGN


निदानात्मक अनुसंधान डिजाइन -अनुसंधान डिजाइन का यह वह प्रकार है जिसमें किसी समस्या के कारणों को ज्ञात करने के साथ उनके समाधान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। चूँकि सभी प्रकार के अनुसंधान कार्यों का उद्देश्य वास्तविक ज्ञान की प्राप्ति एवं अभिवृद्धि होता है, अतः केवल निदानात्मक अनुसंधान ही एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसी विपणन समस्या के संबंध में वास्तविक कारणों को ज्ञात करने के साथ उसके समाधान भी ज्ञात किए जाते हैं अन्य शब्दों में विशिष्ट विपणन समस्या के निदान की खोज करने वाले अनुसंधान कार्य की प्ररचना को निदानात्मक अनुसंधान डिजाइन कहते हैं।


विपणन अनुसंधान में कुछ समस्याएं इस प्रकार की होती हैं जिनका तुरन्त समाधान करना व्यावसायिक संस्था के लिए अति आवश्यक होता है। जैसे फर्म के बाजार भाग में एकाएक ही निरंतर कमी हो रही हो,

या एक मूल्यवान उत्पाद बेहतर किस्म एवं उचित मूल्य का होते हुए भी बाजार में नहीं बिक पा रहा है तो ऐसी विपणन समस्या के केवल कारणों को जानना ही पर्याप्त नहीं होता है, अपितु किस सर्वोत्तम रूप में इसका समाधान हो सकता है, की जानकारी भी आवश्यक होती है। निदानात्मक अनुसंधान इस प्रकार की विपणन समस्या का वैज्ञानिक विधि से पूर्ण एवं विस्तृत अध्ययन करके समस्या की गहराई में पहुंचने का प्रयास करता है ताकि समस्या के प्रत्येक सम्भावित कारण को ठीक से ज्ञात किया जा सके। इस प्रकार के अनुसंधान कार्य में


(i) सर्वप्रथम विपणन समस्या के कारणों को ज्ञात करना


(ii) सम्भावित समाधानों की बात खोजना


(iii) इस हेतु परिकल्पना का निर्माण करना


(iv) वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन करना सम्मिलित है।