स्थिर एवं परिवर्तनशील लागतों में अन्तर - difference between fixed and variable costs

स्थिर एवं परिवर्तनशील लागतों में अन्तर - difference between fixed and variable costs


1. किसी भी वस्तु का उत्पादन करते समय स्थाई एवं परिवर्तनशील दोनों लागतें व्यय करनी पड़ती है। स्थाई लागतों का योग उत्पादन की मात्रा के घटने अथवा बढ़ने से अप्रभावित रहता है, लेकिन प्रति इकाई स्थाई लागतें कम हो जाती हैं यदि उत्पादन की मात्रा बढ़ती है। यदि उत्पादन की मात्रा घटती है तो स्थाई लागतें प्रति इकाई बढ़ जाती है।


2. परिवर्तनशील लागतों का योग उत्पादन की मात्रा बढ़ने पर बढ़ता है तथा उत्पादन की मात्रा घटने पर घटता है, लेकिन उत्पादन की मात्रा घटने या बढ़ने से परिवर्तनशील लागत प्रति इकाई अपरिवर्तित रहती है।


3. लागतों का यह भेद (स्थाई एवं परिवर्तनशील) केवल अल्पकाल में ही पाया जाता है,

दीर्घकाल में सभी लागतें परिवर्तनशील ही होती हैं।


4. स्थाई एवं परिवर्तनशील लागत में अन्तर की कोई स्पष्टरेखा खींचना व्यावहारिक नहीं है क्योंकि इन दोनों लागतों में अनतर केवल श्रेणी का होता है।


5. अल्पकाल में मूल्य निर्धारित करते समय केवल परिवर्तनशील लागतें ही महत्वपूर्ण होती हैं जबकि दीर्घकाल में स्थिर तथा परिवर्तनशील दोनों तरह की लागते समान महत्व रखती हैं।