राष्ट्रीय आय को मापने की कठिनाइयाँ - Difficulties in the Measurement of National Income
राष्ट्रीय आय को मापने की कठिनाइयाँ - Difficulties in the Measurement of National Income
किसी देश की राष्ट्रीय आय की गणना करते समय अनेक कठिनाइयों एवं जटिलताओं का सामना करना पडता है। ये कठिनाइया एवं जटिलताये इसलिये उत्पन्न होती है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र (Sectors) के बारे में विश्वसनीय आंकड़ों का या तो पूर्ण आभाव रहता है और / या वे केवल आंशिक रूप में ही उपलब्ध होते हैं। ये समस्याएं इसलिये भी उत्पन्न होती है क्योंकि इस कार्य को सम्पन्न करने वाली संस्थाओं को (विशेषकर अल्पविकसित देशों में) राष्ट्रीय लेखा विधियों का स्पष्ट एवं सही ज्ञान नहीं होता।
पश्चिम के विकसित देशों में राष्ट्रीय आय सम्बन्धी गणनाओं के कार्य में इतनी कठिनाइया एवं जटिलतायें उत्पन्न नहीं होती। क्योंकि इन देशों ने अपनी सांख्यकीय प्रणालियों को पर्याप्त ऊचे स्तर तक विकसित कर लिया है।
इसके अतिरिक्त वे देश अपनी अर्थव्यवस्थओं के विभिन्न खण्डों के बारे में विस्तृत एवं विश्वसनीय आँकड़े भी एकत्रा कर कसते हैं। लेकिन एशिया एवं अफ्रीका के पिछड़े एवं अल्पविकसित देशों पर यह बात लागू नहीं होती ।
राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाते समय इन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पडता है। ये कठिनाइयां सांख्यकीय (Statistical ) एवं अवधारणात्मक (Conceptual) दोनों प्रकार की हैं।
1. इन देशों में उपलब्ध आंकड़े उपर्याप्त ही नहीं बल्कि अविश्वसनीय भी हैं। उदाहरणार्थ भारत के कृषि से सम्बन्धित आंकड़े पूर्ण नहीं है।
भारतीय कृषि में उत्पादन लागतों से सम्बन्धित विश्वसनीय अनुमानों का अभाव है। लघु एवं मध्यम वर्गीय उद्योगों सवे सम्बन्धित आंकड़े भी अपर्याप्त हैं।
2. अल्प विकसित देशों में गैर-विमुद्रित खण्ड (non monetised sector) के कारण भी राष्ट्रीय आय की संगणना में कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं। जैसा कि विदित है, इन देशों में कृषि उत्पादन का अधिकांश भाग का या तो कृषक स्वयं उपभोग कर लेते हैं या गांवों में अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं के साथ उसका विनिमय कर लेते हैं। इससे राष्ट्रीय आय की संगणना में अनेक कठिनाइयां उत्पन्न हो जाती है।
3. अल्पविकसित देशों में अधिकांश छोटे उत्पादक अशिक्षित एवं अनपढ़ होते हैं। वे अपने उत्पादक कार्यों से सम्बन्धित सही सही लेखे रखने की स्थिति में नहीं होते। अतः वे अपने उत्पाद की मात्रा एवं उसके मूल्य के बारे में सही सही सूचना देने में असमर्थ रहते हैं। परिणामतः अर्थव्यवस्थाक विशालकाय खण्यण्डयों में आय अथवा उत्पादन का मूल्यांकन करते समय हमें अनिवार्य रूप में अनुमानों (guesswork) का आश्रय लेना पड़ता है।
4. अल्पविकसित देशों में लोगों में पेशेवर विशेषज्ञता (Occupational specialisation) का आभाव होता है। अनेक व्यक्ति अपनी आजीविका कमाने हेतु एक से अधिक धन्धे करते हैं। अतः उनकी आय के बारे में सूचनाये एकत्रित करना कठिन हो जाता है।
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