गैर- प्रतिदर्श विभ्रम के कारण - due to non-sampling confusion

गैर- प्रतिदर्श विभ्रम के कारण - due to non-sampling confusion


(i) पक्षपात गैर-निदर्शन विभ्रम, अनुसंधानकर्ता और सूचक की अज्ञानता, प्रशिक्षण में कमी तथा मिथ्या झुकाव के कारण उत्पन्न होता है। 


(ii) निदर्शन क्षेत्र का छोटा होना समग्र में आवश्यकता से कम इकाइयों का निदर्श में चयन करना प्राचल व प्रतिदर्शज के अंतर का प्रमुख कारण होता है। निदर्श का छोटा आकार समग्र का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ रहता है।


(iii) सविचार प्रतिदर्श अनुसंधानकर्ता द्वारा निदर्श के चुनाव हेतु अब सविचार निदर्शन विधि का प्रयोग किय जाता है तो सभी इकाइयों को निदर्श में चुने जाने के पूरे अवसर प्राप्त नहीं होते हैं, जिसके कारण अंतर उत्पन्न होता है। 


(iv) दोषपूर्ण वर्गीकृत समंक स्तरित निदर्शन विधि के अंतर्गत अस्पष्ट, अनुपयुक्त तथा असमान आकार के स्तर होने पर भी यह विभ्रम उत्पन्न होता है। 


(v) सूची का अपूर्ण होना साधन अथवा उदगम सूची के अपूर्ण होने के कारण निदर्श में प्रतिनिधि इकाइयों का समावेश नहीं होता. अतः प्राचल व प्रतिदर्श में अंतर उत्पन्न हो जाता है।


(vi) प्रस्तुतिकरण प्राप्त समको प निष्कपों के प्रकाशन में की गई त्रुटिया भी इस विभ्रम का कारण होती है।