फर्म के आकार में भिन्नता के कारण - Due to variation in the size of the firm
फर्म के आकार में भिन्नता के कारण - Due to variation in the size of the firm
साधारण तथा फर्म के आकार में भिन्नता के निम्न कारण होते हैं
1. फर्मों की जीवन अवधि जो फर्म पहले स्थापित हो जाती है उनका आकार धीरे-धीरे बढ़कर बड़ा हो जाता है, इसके विपरीत जो फर्मे नई होती हैं उनका आकार तुलनात्मक दृष्टि से छोटा होता है।
2 पूर्ण प्रतियोगिता का अभाव - व्यवहार में पूर्ण प्रतियोगिता नहीं पाई जाती है अतः अनार्थिक फर्म भी अस्तित्व में बनी रहती है। अतः व्यावहारिक जगत में फर्म का आकार छोटा एवं बड़ा हो सकता है।
3. तकनीकी एवं प्रबन्धकीय ज्ञान का विकास वर्तमान समय में तकनीकी एवं प्रबन्धकीय ज्ञान का विकास प्रतिदिन हो रहा है, अतः छोटे उपक्रम भी अपनी उत्पादन पद्धतियों में आवश्यक सुधार करके अपना अस्तित्व बनाये रखते हैं। व्यवहार में अनुकुलतम आकार सीमा भी स्थायी नहीं होती है बल्कि बदलती रहती है।
4. अनुकुलतम आकार निर्धारित करने वाली शक्तियों में अन्तर व्यवहार में विभिन्न ढंगों से किये गये अनुकुलतमों के समन्वय में अन्तर भी फर्म के आकार में परिवर्तन कर देता है।
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