अवयस्क साझेदार के कर्तव्य ( अवयस्कता की स्थिति में) - Duties of Minor Partner (in case of Minority)

अवयस्क साझेदार के कर्तव्य ( अवयस्कता की स्थिति में) - Duties of Minor Partner (in case of Minority)


i. लाभ एवं संपत्ति तक सीमित दायित्व अवयस्क साझेदार का दायित्व फर्म में उसके लाभ तथा संपत्ति में हिस्से तक ही सीमित रहता है।


ii. व्यक्तिगत दायित्व नहीं एक अवयस्क साझेदार का कोई व्यक्तिगत दायित्व नहीं होता है। उसे फर्म के ऋण एवं दायित्वों के प्रति भी उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है।


iii. दिवालिया घोषित नहीं - एक अवयस्क साझेदार को दिवालिया घोषित नहीं किया जा सकता है।

यदि फर्म को दिवालिया घोषित नहीं किया जा सकता है। यदि फर्म को दिवालिया घोषित किया जाता है तो फर्म में लगी उसकी संपत्ति एवं लाभ का हिस्सा राजकीय प्रापक को हस्तांतरित हो जाता है।


iv. वयस्क होने पर सार्वजनिक सूचना देने का दायित्व - एक वयस्क अपनी वयस्कता प्राप्त करने अथवा साझेदारी के लाभों में सम्मिलित होने के 6 महीनों में पश्चात्, इन दोनों में से जो भी तिथि बाद में हो, फर्म में साझेदार बनने अथवा न बनने के संबंध में सार्वजनिक सूचना देनेके लिए उत्तरदायी है।