साझेदारो के कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले जा सकते है - Duties of Partners Changeable by Contract

साझेदारो के कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले जा सकते है - Duties of Partners Changeable by Contract


साझेदारों के निम्नलिखित कर्तव्यों को आपसी अनुबंध द्वारा बदला जा सकता है, अर्थात् यदि इनके विपरीत कोई अन्य समझौते न हो तो साझेदारों के निम्नलिखित कर्तव्य होंगे:


1) प्रत्येक साझेदार बिना परिश्रमिक (अतिरिक्त) के कार्य करेगा।


2) जानबूझकर की गई लापरवाही के लिए क्षतिपूर्ति करने का कर्तव्य ।


3) लाभ-हानि को बराबर-बराबर अनुपात में बाँटने का कर्तव्य । 


4) फर्म की सम्पत्ति का प्रयोग निजी कार्य के लिए न करके केवल फर्म के कार्य के लिए ही करने का कर्तव्य।


5) निजी लाभ के प्रति हिसाब देने का कर्तव्य ।


6) प्रतिस्पर्धात्मक करोबार से प्राप्त लाभ का हिसाब देने का कर्तव्य ।


7) फर्म के बनावट में परिवर्तन होने पर साझेदारों के कर्तव्य पहले जैसे ही रहेंगे।


8) अपने अधिकार दूसरे को न देना।


9) अधिकार की सीमा के भीतर ही कार्य करने का कर्तव्य।।


10) अधिकार की सीमा के लिए स्थापित फर्म के चालू करने पर साझेदारों के कर्तव्य पूर्ववत ही रहेंगे।