साझेदारों के कर्तव्य - Duties of Partners
साझेदारों के कर्तव्य - Duties of Partners
अधिकारों की तरह साझेदारों के कर्तव्य भी समझौते द्वारा निर्धारित होते हैं। साझेदारों के बीच आपस में प्रतिद्वन्द्विता के स्थान पर सहयोग की भावना होनी चाहिए। साझेदारों के कर्तव्यों को निम्न दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
• सामान्य कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले नहीं जा सकते है।
• कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले जा सकते हैं।
सामान्य कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले नहीं जा सकते है:
साझेदारी अधिनियम के अनुसार साझेदारों के सामान्य कर्तव्य जो अनुबंध द्वारा बदले नहीं जा सकते
एम.बी.ए.
है, निम्नलिखित है:
1. अधिकतम सामान्य लाभ के लिए कार्य करना साझेदारों का सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि वे
फर्म के कारोबार का संचालन सभी साझेदारों के अधिक से अधिक लाभ के लिए करे। 2. एक-दूसरे के प्रति न्यायनिष्ठ तथा सहदय होना साझेदारों को चाहिए कि वे अन्य साझेदारों पर
विश्वास रखे तथा न्यायपूर्ण कार्य करें।
3. सही हिसाब देना प्रत्येक साझेदार का यह कर्तव्य है कि वह सच्चा, सही और उचित रीति से साझेदारी का हिसाब रखे।
4. फर्म को अथवा किसी साझेदार को अथवा उसके वैधानिक प्रतिनिधि को प्रभावित करनेवाली सभी बातों की पूर्ण सूचना देना प्रत्येक साझेदार एक-दूसरे का एजेन्ट होता है, अतः उसे व्यापार के संबंध में पूरी सूचना, जो कि फर्म अथवा साझेदार अथवा उसके वैधानिक प्रतिनिधि को प्रभावित करने वाली हो, देनी चाहिए।
5. कपटपूर्ण व्यवहार से हानि की पूर्ति करना यदि कोई साझेदार अपने कपटपूर्ण व्यवहार से फर्म को क्षति पहुँचाता है तो वह साझेदार उसकी क्षतिपूर्ति करनेका उत्तरदायी हो जाता है।
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