कपट का प्रभाव - effect of fraud
कपट का प्रभाव - effect of fraud
भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 19 के अनुसार वह व्यक्ति जिसकी सहमति कपट के द्वारा प्राप्त की गई हो, उसे निम्नलिखित अधिकार प्राप्त है :
i. अनुबंध का व्यर्थनीय होना यदि कपट द्वारा किसी पक्षकार की सहमति प्राप्त की जाती है तो पीड़ित पक्षकार की इच्छा पर अनुबंध व्यर्थनीय होता है, अर्थात वह अनुबंध को रद्द कर सकता है।
ii. अनुबंध की पुष्टि की मांग कपट द्वारा किसी पक्षकार की सहमति प्राप्त करने की दशा में वह व्हा तो अनुबंध के पुष्टिकी मांग कर सकता है,
यदि ऐसा करना उसके हित में हो। ऐसी मांग होने पर दुसरे पक्षकार को अनुबंध पूरा करना होगा।
iii. प्रत्यस्थापन की मांग - कपट द्वारा किसी पक्षकार की सहमति प्राप्त करने की दशा में वह अनुबंध के अंतर्गत दूसरे पक्षकार को दिये गए धन या संपत्ति को वापस पाने का अधिकारी होगा।
iv. क्षतिपूर्ति की मांग- यदि पीड़ित पक्षकार को कपटमाय प्रदर्शन के कारण कोई क्षति हुई हो तो वह दोषी पक्षकार से क्षतिपूर्ति की मांग कर सकता है।
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