मुद्रास्फीति के प्रभाव , मुद्रा संकुचन अथवा अवस्फीति - Effects of Inflation, Currency Contraction or Deflation
मुद्रास्फीति के प्रभाव , मुद्रा संकुचन अथवा अवस्फीति - Effects of Inflation, Currency Contraction or Deflation
मुद्रास्फीति की प्रारंभिक अवस्था में उद्योग, व्यापार, रोजगार एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। किंतु मुद्रास्फीति एक बार प्रारंभ होने के बाद रूकने का नाम नहीं लेती। मुद्रास्फीति के बढ़ने के साथ-साथ उसके हानिकारक प्रभाव भी दृष्टिगत होने लगते हैं और यह जब व्यापक रूप धारण कर लेती है तो संपूर्ण अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर देती है।
मुद्रा संकुचन अथवा अवस्फीति
मुद्रा संकुचन या अवस्फीति मुद्रास्फीति की विपरीत स्थिति है। मुद्रा सकुचन की स्थिति में मुद्रा के मूल्य में वृद्धि होती है तथा वस्तुओं और सेवाओं के कीमत में गिरावट आती हैं। परंतु मुद्रा में होने वाली प्रत्येक वृद्धि तथा वस्तुओं और सेवाओं के कीमत मे आने वाली प्रत्येक गिरावट को मुद्रा संकुचन नहीं कहा जा सकता है। निम्न स्थितियों में वस्तुओं और सेवाओं के कीमत में होने वाली कमी मुद्रा संकुचन कहलाती है।
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