समग्र पूर्ति के तत्व - elements of aggregate supply
समग्र पूर्ति के तत्व - elements of aggregate supply
कीन्स के मतानुसार अल्पकाल में भौतिक तथा तकनीकी दशाएँ अपरिवर्तित रहती है। अतः पूर्ती में वृद्धि तभी संभव है जब रोजगार में वृद्धि की जाय। उत्पादन एवं रोजगार में वृद्धि तभी संभव है जब पूर्ति कीमत में वृद्धि हो जब उसे समग्र माँग की कीमत अधिक प्राप्त हो। समग्र पूर्ति वक्र सदैव बाएं से दायें को ऊपर की ओर उठा हुआ रहता हैत् सीढ़ी उदग्र रेखा बन यह वक्र पूर्ण रोजगार के बिंदु के पश्चा जाता है। समय पूर्ती के निर्धारक तत्वों का वर्णन निम्न है:
1. उत्पादन की भौतिकी तथा तकनीकी सुविधाओं इमं सुधर द्वारा प्रयासों से संभव है: इस तरह का सुधर निम्न
• उत्पादन की किस्म में सुधर
• उत्पाद के नए नए वैकल्पिक प्रयोगों की खोज
• उत्पाद के पैकिंग में सुधर करके
• उत्पाद के लिए नए बाजारों की खोज द्वारा
2. बेरोजगार साधनों को रोजगार पर लगा कर उत्पादन के बेरोजगार साधनों को अनेक तरह के - प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष प्रलोभन देकर यह कार्य आसानी से किया जा सकता है।
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