फर्म के रजिस्टर में प्रविष्टि एवं प्रमाण-पत्रका निर्गमन - Entry in the register of the firm and issue of certificate
फर्म के रजिस्टर में प्रविष्टि एवं प्रमाण-पत्रका निर्गमन - Entry in the register of the firm and issue of certificate
जब रजिस्ट्रार पूर्ण रूप से सन्तुष्ट हो जाता है कि आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्ण रूप से पालन किया गया है, तो वह उस विवरण को फर्मों के रजिस्टर में लिख लेगा और इस प्रकार विवरण को फाइल कर देगा बाद में इसके लिए एक प्रमाण-पत्र निर्गमित किया जाता है। इस प्रकार, साझेदारी (फर्म) का पंजीयन किया जाता है।
रजिस्ट्रेशन के पश्चात परिवर्तनों की सूचना
एक रजिस्टर्ड फर्म को निम्नलिखित परिवर्तनों की सूचना नियत शुल्क के साथ रजिस्ट्रार के पास अवश्यक भेजनी चाहिए:
1. रजिस्टर्ड किये गये फर्म के नाम या मुख्य स्थान में परिवर्तन हो ।
2. जब फर्म किसी स्थान पर अपना कारोबार बंद करे अथवा किसी नये स्थान पर कारोबार आरंभ करे।
3. जब फर्म के कारोबार के नाम व स्थायी पते में परिवर्तन हो।
4. जब फर्म की बनावट में कोई परिर्वतन हो।
5. जब अवयस्क साझेदार लाभ के लिए सम्मिलित किया गया हो, वयस्क होने पर उस फर्म का साझेदार होना निश्चित करे अथवा न करे।
गलतियों का सुधार
फर्म के सिी रजिस्टर में गलती सुधारने का अधिकार रजिस्ट्रार को है और वह किसी भी साझेदार के अनुरोध पर गलती सुधार सकता है।
इसी प्रकार न्यायालय किसी भी रजिस्टर्ड फर्म के संबंध में अपना निर्णय देते समय रजिस्ट्रार को फर्मों के रजिस्ट्रार में अपने फैसले के आधार पर सुधार करने का आदेश दे सकता है तथा रजिस्ट्रार को इसी आदेश के अनुसार सुधर करना होगा।
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