दीर्घकाल में एकाधिकारी की साम्यावस्था - Equilibrium of Monopolist in the long period
दीर्घकाल में एकाधिकारी की साम्यावस्था - Equilibrium of Monopolist in the long period
एकाधिकारी में फर्म अपने संयन्त्र तथा उत्पादन के पैमाने को बदल सकती है तथा सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं क्योंकि समय पर्याप्त होता है। एक फर्म एक उद्योग, उद्योग में नई फर्मों के प्रवेश पर रोक, निकट की स्थानापन्न वस्तु का न होना तथा कीमत एवं पूर्ति पर नियन्त्रण आदि विशेष ताओं के कारण एकाधिकारी फर्म को दीर्घकाल में लाभ प्राप्त होता है। वस्तु की माँग बढ़ने पर इसकी पूर्ति में वृद्धि की जा सकती है तथा माँग घटने पर संयन्त्र का आकार छोटा करके वस्तु की पूर्ति घटायी जा सकती है। प्रत्येक एकाधिकारी फर्म की विशेष ताओं के कारण दीर्घकाल में लाभ की स्थिति होगी।
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