अल्पकाल में एकाधिकारी की साम्यावस्था - Equilibrium of Monopolist in the short period

अल्पकाल में एकाधिकारी की साम्यावस्था - Equilibrium of Monopolist in the short period


एकाधिकारी फर्म उस उत्पादन स्तर पर साम्यावस्था को प्राप्त होती है जहाँ इसकी सीमान्त आगम सीमान्त लागत के बराबर होती है। इस उत्पादन स्तर पर फर्म अपने लाभ को अधिकतम अथवा हानि को न्यूनतम करती है। अल्पकाल में समय इतना थोड़ा होता है कि फर्म द्वारा उत्पादित वस्तु की माँग में वृद्धि या कमी होने पर पूर्ति में वृद्धि या कमी दी हुई उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग करके ही की जा सकती है। उत्पादन पैमाना तथा संयन्त्र के आकार में परिवर्तन सम्भव नहीं होता है परिवर्तनशील साधनों में वृद्धि या कमी की जा सकती है। स्थिर साधन बदले नहीं जा सकते। अल्पकाल में एकाधिकारी कीमत औसत लागत से अधिक, कम तथा इसके बराबर हो सकती है। जिसके परिणामस्वरूप तीन स्थितियाँ हो जाती है। 1 लाभ की स्थिति 2 हानि की स्थिति 3 सामान्य लाभ की स्थिति