अनुबंधों का निष्पादन - execution of contracts

अनुबंधों का निष्पादन - execution of contracts


अध्ययन की सुविधा की दृष्टि से अनुबंधों को निष्पादन के अंतर्गत दी गई विषय सामग्री को निम्न खण्डों के अंतर्गत विभक्त किया जा सकता है:


1. अनुबंधों के निष्पादन के संबंध में पक्षकारों का दायित्व - भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 37 के अनुसार, "अनुबंध से संबंधित पक्षकारों को अपने-अपने वचनों का निष्पादन करना चाहिए अथवा निष्पादन करने के लिए प्रस्ताव करना चाहिए, जब तक कि इस प्रकार के निष्पादन से राजनियम की व्यवस्थाओं के अंतर्गत अथवा एनी किसी राजनियम के प्रभाव से छुटकारा न मिल गया हो।"


निष्पादन का प्रस्ताव


जब वाचंदाता ने वचन गृहीता के समक्ष निष्पादन का प्रस्ताव किया हो और वह प्रस्ताव स्वीकार न किया गया हो तो वाचनदाता निष्पादन न होने के लिए उत्तरदायी नहीं होता और न वह इससे अनुबंध के अंतर्गत अपने अधिकारों को ही खो देता है।