व्यय नियतांश - expense allocation

व्यय नियतांश - expense allocation


विपणन कार्मिकों को विक्रय लक्ष्यों की प्राप्ति में होने वाले व्यय के बारे में भी आवश्यक दिशा निर्देशों से अवगत होना चाहिए कि विक्रय प्रयासों की पूर्ति में होने वाले व्यय सीमित हा ताकि विक्रय किये गये उत्पाद से होने वाले लाभ को अपेक्षित स्तर पर कायम रखा जा सके। अतः यह भी आवश्यक है कि विक्रय और उस पर होने वाले व्यय में समन्वय को निश्चित करना चाहिए ताकि किसी भी अवस्था में उन अपेक्षाओं में कोई कमी न हो। विक्रय कोटा तदार्थ हासिल करने के लिए किए गए प्रयासों को निरन्तर जारी रखना चाहिए बशर्ते उनके तुलनात्मक व्यय स्तर को विक्रय स्तर के कम मात्रा में कायम रह सके।


शुद्ध लाभ को कायम करने के लिए विविध उत्पाद की प्रभुत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, विशेषतः उन उत्पादों पर जिनमें लाभांश सीमित हो ।

अतः ऐसे प्रयासों पर विशेषत बल दिया जाना चाहिए कि प्रबंधन अपने विक्रेता कार्मिकों को ऐसे उत्पाद के विक्रय में ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करें जिसमें लाभ अधिक हो। इन प्रयासों के चलते कम लाभदायक उत्पादों पर अधिक समय व्यतीत न करके सुनिश्चित किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में सेल्स विक्रेता को अपने अधिकतम समय का उपयोग लाभदायक उत्पादों की विस्तृत उत्पाद बिक्री की ओर करना चाहिए। प्रतिस्पर्धा बाजार में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए विपणन कार्मिकों को बाज़ार की गतिविधियों के अनुकूल प्रदर्शन करने निश्चित अवधि में कार्य को सम्पन्न करने, निर्धारित नियताश को हासिल करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। भारतीय कंपनियों प्रचलित नियताश विचारधारा को सशक्त रुप में उपयोग कर अपने लाभाशों को निर्धारित स्तर पर कामयाब होने में समर्थ हो सकती हैं।