सांयोगिक अनुबंध की विशेषताएँ - Features of a contingent contract

सांयोगिक अनुबंध की विशेषताएँ - Features of a contingent contract


i. किसी कार्य को करने या न करने का अनुबंध- सांयोगिक अनुबंध किसी कार्य को करने या न करने का अनुबंध होता है। उदाहरण के लिए, राम, श्याम को वचन देता है कि यदि वह सुरक्षित दिल्ली पहुँच गया तो वह 100 जीन्स 800 रुपया प्रति जीन्स की दर से दे देगा।


ii. अनिश्चित घटना पर निर्भर होना सांयोगिक अनुबंध का निष्पादन किसी अनिश्चित घटना के घटित होने अथवा न होने पर निर्भर करता है। इस प्रकार से एक सांयोगिक अनुबंध पूर्ण अनुबंध से बिल्कुल भिन्न होता है।


iii. संयोगिकता अनुबंध ' के संपार्श्विक होना चाहिए न कि स्वयं अनुबंध का कोई भाग सांयोगिक अनुबंध में घटना का घटित होना अनिश्चित एवं अनुबंध का संपार्श्विक होना चाहिए।

ऐसी घटना पक्षकारों द्वारा दिये गए वचनों का भाग नहीं होता। संपार्श्विक घटना न तो वह निष्पादन है जिसके लिए अनिबंध के एक भाग के रूप में वचन दिया गया है और न किसी प्रतिज्ञा के लिए पूर्व प्रतिफल ही।


iv. अनुबंध से संबंधित संयोगिकता किसी एक अथवा दोनों पक्षकार के वश में हो सकती है अथवा उन दोनों की शक्ति से बहार हो सकती है। 


v. वह संयोगिकता किसी तीसरे व्यक्ति पर निर्भर हो सकती है। घटना वचनदाता की केवल इच्छा पर निर्भर नहीं होना चाहिए।