अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय की विशेषताएँ - Features of international business

अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय की विशेषताएँ - Features of international business


(i) उत्पादों व सेवाओं का स्वतंत्र व्यापार अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में उत्पादों व सेवाओं के आयात व निर्यात के लिए उदार नीति अपनाई जाती है। विभिन्न देशों के मध्य उत्पादों व सेवाओं के क्रय-विक्रय पर लगी टैरिफ व गैर टैरिफ बाधाओं को हटाया जाता है। संपूर्ण विश्व को एक वैश्विक इकाई माना जाता है।


(ii) पूंजी का स्वतंत्र प्रवाह अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय का तात्पर्य है घरेलू अर्थव्यवस्था को विदेशी पूजी व विदेशी निवेश के प्रवाह के लिए खोलना तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश पर लगी रुकावटों को समाप्त करना। अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में पूजी के अर्तप्रवाह बाहरी प्रवाह पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाता है

तथा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न रियायत दी जाती हैं।


(iii) श्रम का स्वतंत्र प्रवाह अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में श्रम के विभिन्न देशों के मध्य अंतर व बाहरी प्रवाह को स्वतंत्र किया जाता है मानव संसाधनों के प्रवास और अप्रवास विषयक प्रावधानों को उदार बनाया जाता है। तकनीकी विशेषज्ञों व सुयोग्य मानवीय संसाधनों की सेवाओं को प्राप्त करना सरल बनाया जाता है। इससे व्यावसायिक इकाइया अन्य देशों में उपलब्ध सस्ते व कुशल मानवीय संसाधनों, जैसे तकनीकी विशेषज्ञों, पेशेवर प्रबन्धकों की सेवाएं प्राप्त कर सकती है। इससे विभिन्न देशों की परस्पर निर्भरता बढ़ती है।