गुणवत्ता चक्र की विशेषताएं - Features of the Quality Cycle
गुणवत्ता चक्र की विशेषताएं - Features of the Quality Cycle
डे, उदप्पा तथा बर्नार्दिन (Dey; Udapa; Bernardin) के अनुसार गुणवत्ता चक्र की प्रमुख निम्नलिखित हैं विशेषताएँ-
1. स्वैच्छिक / स्वयंसेवक समूह (Voluntary group): यह कर्मचारियों का एक स्वैच्छिक समूह होता है। सदस्य अपनी इच्छा से चक्र में सहभागिता करते हैं। इसके लिए उन पर प्रबंधन का कोई दबाव नहीं होता है।
2. नियंत्रित आकार (Manageable / Controllable size): सदस्यों की संख्या आमतौर पर छः से दस (6 to 10) होती है तथा वह से एक ही कार्य क्षेत्र सम्बद्ध होते हैं।
3. नियमित बैठकें (Regular meetings): सदस्य गुणवत्ता संबंधी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए निश्चित अंतराल पर मिलते हैं।
वह सामान्यतः कार्य दिवस के अंतिम कार्य क्षणों में मिलते हैं। बैठक का समय प्रबंधक से विमर्श के उपरान्त पहले ही निर्धारित कर लिया जाता है। नियम की तरह यह बैठकें सप्ताह में एक बार अवश्य होती हैं तथा प्रत्येक बैठक लगभग एक घंटे तक चलती है।
4. स्वतन्त्र मुद्दा (Own Agenda ): प्रत्येक गुणवत्ता चक्र का अपना एक स्वतंत्र मुद्दा विषय होता है। गुणवत्ता चक्रों के सन्दर्भ विशेष भिन्न होते हैं, अपनी अलग समस्याएँ होती हैं, तथा समस्याओं के समाधान के लिए अलग सुझाव भी होते हैं।
5. एकल ध्यान-केन्द्र गुणवत्ता (Exclusive focus on quality): अपनी प्रकृति के अनुसार गुणवत्ता चक्रों का एकमात्र उद्देश्य गुणवत्ता सम्बन्धी समस्याओं की पहचान, विश्लेषण एवं समाधान करना है।
इसके माध्यम से संगठनात्मक कार्य प्रणाली में, तथा कार्य-जीवन की गुणवत्ता में सुधार का उद्देश्य सर्वोपरि है।
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